
भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली है और बीते 24 घंटों में कई जिलों में तेज हवाओं, आंधी और गरज-चमक का दौर देखने को मिला। राजधानी भोपाल में शनिवार दोपहर धूल भरी आंधी चली, जिससे शहर में कुछ देर के लिए दृश्यता कम हो गई। इसके बाद हल्की बारिश ने गर्मी से राहत जरूर दी, लेकिन मौसम का मिजाज पूरी तरह अस्थिर बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और हरियाणा-राजस्थान क्षेत्र में बनी चक्रवाती परिसंचरण प्रणाली का असर प्रदेश पर साफ दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि कई इलाकों में तेज हवाएं और तूफानी गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं। पूर्वी मध्यप्रदेश के सीधी और जबलपुर में हवा की रफ्तार सबसे अधिक 74 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंची, जबकि शहडोल और सतना में भी तेज झोंकों ने लोगों को प्रभावित किया।
राजधानी भोपाल भी इस मौसमीय बदलाव से अछूती नहीं रही। यहां हवाओं की गति लगभग 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई, जो पेड़-पौधों और कमजोर ढांचों के लिए नुकसानदेह मानी जाती है। वहीं ग्वालियर में 60 और विदिशा, अशोकनगर व शिवपुरी में करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण वातावरण में अस्थिरता बढ़ गई है, जिससे प्रदेश में प्री-मानसून जैसे हालात बन गए हैं। इसी के चलते कई जिलों में बिजली चमकने, गरज के साथ तेज हवाएं चलने और कहीं-कहीं हल्की बारिश की स्थिति बन रही है।
तापमान की बात करें तो खंडवा सबसे गर्म रहा, जहां पारा 43.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नरसिंहपुर, रतलाम, टीकमगढ़ और बैतूल सहित कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंचा। भोपाल में अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री दर्ज किया गया, हालांकि दोपहर बाद आई आंधी और हल्की बारिश से लोगों को कुछ राहत महसूस हुई।
मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटों तक प्रदेश में यही स्थिति बनी रह सकती है। इस दौरान तेज हवाओं के साथ छिटपुट बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।
