शाढ़ौरा: शहर की गलियां इन दिनों सुरक्षित नहीं रह गई हैं। आवारा और हिंसक कुत्तों के झुंड ने नगर के विभिन्न वार्डों में ऐसा आतंक मचाया है कि लोग अब शाम ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। सबसे डरावनी स्थिति बेजुबान गौ-वंश की है, जिन्हें ये कुत्ते घेरकर लहूलुहान कर रहे हैं। इस गंभीर समस्या से आक्रोशित होकर श्री नारायण दास गौ सेवा समिति और नगर के जागरूक नागरिकों ने नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर नाराजगी जाहिर की और प्रशासन को चेतावनी भरा ज्ञापन सौंपा।
प्रशासन की अनदेखी पर बरसे नागरिकः
ज्ञापन सौंपने पहुंचे नागरिकों ने दो टूक शब्दों में कहा कि कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि वे निरीह गायों और उनके बछड़ों को शिकार बना रहे हैं। कई बछड़े इन हमलों में गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। यही नहीं, राह चलते बच्चों और बुजुर्गों पर भी ये कुत्ते हमला करने से नहीं चूक रहे हैं। नागरिकों का आरोप है कि पूर्व में भी इस समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन नगर परिषद कुंभकर्णी नींद में सोया रहा।
समाधान नहीं तो होगा उग्र आंदोलनः
ज्ञापन नायब तहसीलदार कार्तिकेय मुदगिल और सीएमओ शमशाद पठान को सौंपा गया। गौ सेवा समिति के सदस्यों ने साफ कर दिया है कि यदि अगले कुछ दिनों के भीतर इन हिंसक कुत्तों को पकड़कर शहर की सीमा से बाहर नहीं किया गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो वे उग्र जन-आंदोलन के लिए विवश
होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद प्रशासन की होगी।
दबाव के बाद जागा प्रशासन, आनन-फानन में निकाली निविदाः
नागरिकों के कड़े विरोध और ज्ञापन के बाद नगर परिषद प्रशासन हरकत में आता दिख रहा है। परिषद द्वारा आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए निविदा (Tender) सूचना जारी की गई है, जिसमें 8 मई 2026 तक इच्छुक ठेकेदारों से आवेदन मांगे गए हैं। अब देखना यह है कि यह केवल कागजी कार्यवाही बनकर रह जाती है या शाढ़ौरा की जनता और गौ वंश को वाकई इस आतंक से मुक्ति मिलती है।
