नयी दिल्ली, 01 मई (वार्ता) कांग्रेस ने पार्टी नेता पवन खेड़ा से जुड़े एक मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा पर की गई टिप्पणी का स्वागत करते हुए इस निर्णय को व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी के लिए महत्वपूर्ण करार दिया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने शुक्रवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जब व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर संकट होता है तो न्यायपालिका ही लोगों की अंतिम उम्मीद बनकर सामने आती है। उन्होंने कहा कि यह फैसला इस बात की याद दिलाता है कि कानून सबके ऊपर है और लोकतंत्र में असहमति के लिए स्थान बना रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि कानून में आस्था रखी जाए तो वह अन्याय के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है। उनका कहना था कि न्यायालय की यह टिप्पणी लोकतंत्र की मर्यादा और कानून के राज की अहमियत को रेखांकित करती है। श्री सिंघवी ने असम के मुख्यमंत्री से अपने रुख पर पुनर्विचार करने का आग्रह करते हुए कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में उनके कई सार्वजनिक बयानों का उल्लेख किया है, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं हैं। संबंधित मामले में अधिकांश आरोप जमानती थे और बिना गिरफ्तारी के भी पूछताछ संभव थी, लेकिन बड़ी संख्या में पुलिस बल भेजकर कार्रवाई करना डराने और उत्पीड़न का प्रयास प्रतीत होता है।” कांग्रेस ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करती है और इसे लोकतंत्र तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानती है।

