भोपाल: मध्यप्रदेश इन दिनों तपिश से गुजर रहा है, जहां एक ओर सूरज की तीखी किरणें लोगों को झुलसा रही हैं, वहीं दूसरी ओर मौसम का मिजाज अचानक बदलने के संकेत भी मिलने लगे हैं। प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो में सोमवार को तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो बीते एक दशक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। इसी कड़ी में छतरपुर जिले का नौगांव भी अत्यधिक गर्मी से बेहाल रहा और प्रदेश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल रहा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल प्रदेश दोहरे मौसमीय प्रभाव का सामना कर रहा है। एक तरफ जहां कई हिस्सों में लू के थपेड़े लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ वातावरण में बन रहे दबाव तंत्र के चलते आंधी और बारिश की परिस्थितियां भी तैयार हो रही हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार के लिए प्रदेश के कुछ जिलों में लू और कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी जारी की है।
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की सक्रियता के कारण 1 मई तक प्रदेश में मौसम का यह मिला-जुला स्वरूप बना रहेगा। हालांकि 29 अप्रैल से लू की तीव्रता में थोड़ी कमी आने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को आंशिक राहत मिल सकती है।जिन जिलों में लू का असर अधिक रहने की आशंका है, उनमें छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट प्रमुख हैं। वहीं ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा जैसे जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति प्री-मानसून गतिविधियों का संकेत है, जहां भीषण गर्मी के बीच अचानक मौसम बदलने लगता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने, धूप में कम निकलने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
