चर्बीकांड : आस्था पर चोट, घेरे में अफसर भी

मालवा- निमाड़ की डायरी

संजय व्यास: निमाड़ क्षेत्र का खंडवा कभी प्रसिद्ध कलाकार अशोक कुमार, किशोर कुमार, अनोप कुमार के पैतृक निवास के कारण प्रख्यात था. शनै: शनै प्रसिद्धि बढ़ती आपराधिक गतिविधियों की वजह से कुख्याती में बदल गई और खंडवा का नाम कुख्यात कारनामों में भी शुमार होने लगा. अभी तक आतंकवादी गतिविधियों के अलावा खतरनाक हथियार बेचने के ही मामले मिले थे. स्लॉटर हाउस 50 साल से बदनाम है, इसे कोई नहीं रोक पाया. अब तो, उससे भी आगे बढक़र जानवरों की चर्बी में फ्लेवर और एसेंस मिलाकर घी बनाया जा रहा है. अनजाने में इसका उपयोग खाद्य प्रोडक्ट के अलावा लोग हवन और पूजन में भी कर रहे हैं. हाल ही में प्रशासन की बड़ी टीम ने छापेमारी की, तो उनके भी रोंगटे खड़े होने वाला खुलासा हुआ.

जानवरों को क्रूरता से मारकर मांस बेचने के साथ इनकी हड्डी और चर्बी से घी बनाकर बाजार में उतार जा रहा था. आंतों में मसाला भरकर समोसे बनाए जाने का मामला भी चर्चा में आया है, जिसकी देश भर में सप्लाई की बात भी सामने आई. यहां तक कि जिस उद्योग की आड़ में यह सब किया जा रहा था, उसका लायसेंस 3 साल पहले ही खत्म हो चुका था. बताया जा रहा है कि कार्रवाई में 3000 किलो से ज्यादा घी, दो ट्रक से ज्यादा हड्डियां और 10 बोरे सींघ प्रशासन ने जप्त किए. इस खुलासे पर यहां खाद्य एवं औषधि विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे है. वर्षों से इस उद्योग में क्या हो रहा है, सुध तक नहीं ली.

कलेक्टर से बड़ा खाद्य अधिकारी!

चर्चा है कि अपने पर उठे सवाल तो एक अधिकारी प्रशासन की इतनी बड़ी कार्रवाई को ही गलत ठहराने लगे. इतने बड़े गुनहगार को बचाने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का अधिकारी आ गया यह अधिकारी कलेक्टर को भी चैलेंज देता हुआ मीडिया के सामने पाया गया. दरअसल एसडीएम ने कलेक्टर के निर्देश पर छापा मारा. नगर निगम की टीम के साथ महापौर और विधायक भी पहुंच थेे. अब इतने घिनौने खुलासे पर जवाबदेही की बात आई तो अपने को बेदाग साबित करने खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारी गोले इस छापे को ही चेलेंज देने लगे. उनका कहना था कि चर्बी मिली है, लेकिन घी बनाने का कोई उपकरण नहीं. ऐसे में सरकार को ऐसे अफसर पर पहले कार्रवाई करनी चाहिए. इसके साथ ही शाकाहारी लोगों को भी मांसाहारी बनाने और उनकी पूजा को भ्रष्ट करने, आस्था से खिलवाड़ करने वालोंं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
अंचल भर के कांग्रेसी भी आक्रोशित
कांग्रेस, जिस पर एक वर्ग विशेष को सपोर्ट करने के आरोप लगते रहे हैं, वह भी चर्बीकांड के खिलाफ उतर आई है. झाबुआ से नीमच तक, खरगोन-बड़वानी से धार तक व रतलाम से आगर तक अंचल के कांग्रेसियों में विरोध के स्वर सुनाई दे रहे हैं और इस घिनौने कृत्य की निंदा की है. खंडवा क्षेत्र के कांग्रेसियों का तो यहां तक कहना है कि ऐसे लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाने चाहिए. उनकी संपत्ति खाक कर दी जानी चाहिए.
पार्षद-सीएमओ विवाद निपटाने पुलिस का दखल
एक तो नेपानगर नगर पालिका की पीआईसी की बैठक बड़ी मुश्किल से हुई, लेकिन सीएमओ की नदारदगी मामला गरमा गया. बैठक बिना कोई कार्यवाही के अगले दिन के लिए टालना पड़ी. दूसरे दिन बैठक हुई तो नाराज एक महिला पार्षद ने सीएमओ की क्लास ले डाली. दरअसल सीएमओ मोहन सिंह अलावा की कार्यप्रणाली से न सिर्फ पार्षद बल्कि लोग भी खासे नाराज हैं. नपा की बैठक में वार्ड नंबर 11 की पार्षद योगिता राजू पाटील ने कहा शहर के लोग आपकी कार्यप्रणाली से नाराज हैं.

आप किसी का भी फोन नहीं उठाते. वार्ड में कईं समस्याएं हैं, आपको शिकायत के बाद भी निराकरण नहीं किया जाता. इस पर सीएमओ ने कह दिया-फालतू बात मत करो. इस बात पर योगिता राजू पाटील भडक़ गईं और काफी बहसबाजी का दौर चला. हालत इस कदर बिगड़ गए कि मामला शांत कराने पुलिस को बुलवाना पड़ा.

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