सतना : महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित, शहर के धवारी क्षेत्र में स्थित वन स्टॉप सेंटर में आश्रय प्राप्त 3 बालिकाएं रविवार-सोमवार कर दरमियानी रात अचानक गायब हो गईं. सोमवार की सुबह घटना की जानकारी सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा मामले की शिकायत सिटी कोतवाली थाने में की गई. जिसके आधार पर पुलिस द्वारा जांच कार्रवाई की जा रही है.प्राप्त जानकारी के अनुसार धवारी क्षेत्र में स्थित वन स्टॉप सेंटर की डॉरमेट्री में 14 से 15 वर्ष की उम्र की 3 बालिकाएं आश्रय प्राप्त थीं. यह बालिकाएं रामपुर बघेलान, सिविल लाइन और मझगवां क्षेत्र की निवासी थीं.
रविवार-सोमवार की दरमियानी रात उक्त वन स्टॉप सेंटर में बतौर केयर टेकर रोशनी की ड्यूटी थी. सोमवार की साढ़े 5 बजे जब रोशनी ने डॉरमेट्री ममें देखा तो तीनों लड़कियां गायब नजर आईं. यह देखते ही रोशनी द्वारा सबसे पहले प्रशासक ओ एस सी को सूचना दी गई. जिसके बाद रोशनी ने सहायक संचालक महिला बाल विकास एवं अधिकारी वन स्टॉप सेंटर श्याम किशोर द्विवेदी सहित विभागीय अधिकारियों को घटना के बारे में बताया. घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित सभी अधिकारी वन स्टॉप सेंटर पहुंच गए. सीसीटीवी फुटेज देखने पर मालुम हुआ कि तीनों लड़कियां रात के डेढ़ बजे वन स्टॉप सेंटर से निकल गईं.
इसी कड़ी में अधिकारियों द्वारा शुरु की गई जांच में पाया गया कि कमरे में लगी लोहे की ग्रिल टूटी हुई है. जिसे देखकर यह अनुमान लगाया गया कि लोहे की ग्रिल को तोडक़र बालिकाएं वहां से बाहर निकल गईं. रात के दौरान वन स्टॉप सेंटर में केयर टेकर के साथ-साथ बाहर मुख्य गेट पर एक गार्ड भी तैनात था. लेकिन बालिकाएं वन स्टॉप सेंटर के मुख्य गेट के बजाए पीछे की रास्ते से बाहर निकल गईं. घटना की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों द्वारा सिटी कोतवाली थाने में मामले की शिकायत की. जिसके आधार पर थाना प्रभारी रावेंद्र द्विवेदी पुलिस बल के साथ वन स्टॉप सेंटर पहुंचे और घटना स्थल का बारीकी से मुआयना किया. जिसके बाद पुलिस द्वारा जांच कार्रवाई तेज का दी गई.
घर वापसी होने तक आश्रय
सहायक संचालक महिला बाल विकास एवं अधिकारी वन स्टॉप सेंटर श्याम किशोर द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि सतना में किशोर न्याय अधिनियसम का बालिका गृह नहीं है. जिसके चलते थाने से लाए जाने के बाद कलेक्टर कर संस्तुति और बाल कल्याण समिति की अनुमति के बाद ही यहां पर 7 वर्ष से लेकर 18 वर्ष तक की लड़कियों को आश्रम प्रदान किया जाता है. जब तक लड़कियों की घर वापसी नहीं हो जाती तब तक उन्हें यहां पर आश्रय प्रदान किया जाता है. गायब हुई तीनों बालिकाएं भी वन स्टॉप सेंटर की डॉरमेट्री में आश्रय प्राप्त थीं.
