जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, आईजीआरएमएस भोपाल और श्रमिक देवीलाल उर्फ देवा से जुड़े मामले में अंतरिम आदेश पारित किया। इसके तहत केंद्रीय औद्योगिक अधिकरण, सीजीआईटी के नियमितीकरण संबंधी निर्देशों पर रोक लगा दी है। साथ ही प्रतिवािदियों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। इसके साथ ही सीजीआईटी-कम-लेबर कोर्ट जबलपुर से प्रकरण से संबंधित रिकार्ड भी तलब किए हैं।
याचिकाकर्ता आई जी आर एम एस भोपाल की ओर से अधिवक्ता अर्नव तिवारी ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता सांस्कृतिक व शैक्षणिक संस्था है न कि व्यावसायिक इकाई जबकि संबंधित श्रमिक सीधे तौर पर उसका कर्मचारी नहीं बल्कि आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से कार्यरत था। कोर्ट ने तर्क सुनने के बाद कहा क अगली सुनवाई तक सीजीआईटी द्वारा दिया गया नियमितीकरण का निर्देश स्थगित रहेगा। सीजीआईटी ने 16 फरवरी 2026 के अपने आदेश में संग्रहालय को उद्योग मानते हुए श्रमिक की सेवाएं समाप्त करना अवैध ठहराया था और प्रबंधन को छह माह के भीतर नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे। इस आदेश को संग्रहालय प्रबंधन ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
