जयपुर, 27 अप्रैल (वार्ता) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रवासी राजस्थानियों को राजस्थान का सांस्कृतिक राजदूत बताते हुए कहा है कि वे अपनी माटी से दूर रहकर भी प्रदेश की संस्कृति को सहेजे हुए हैं और परंपराओं का निर्वहन कर रहे हैं।
श्री शर्मा रविवार को बेंगलुरु स्थित लोकभवन में राजस्थान राज्य स्थापना दिवस समारोह में भाग लेकर यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानी कर्मभूमि से जन्मभूमि जैसे अभियान में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और अपनी मातृभूमि के विकास में सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राजस्थान का स्थापना दिवस केवल एक तारीख नहीं है बल्कि हमारी सनातन संस्कृति की पहचान, लोक परंपरा और अखण्डता का प्रतीक है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने पिछले वर्ष से राजस्थान स्थापना दिवस समारोह अंग्रेजी तारीख के स्थान पर भारतीय पंचांग की तिथि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाये जाने की पहल की है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गत वर्ष दस दिसंबर को जयपुर में पहले प्रवासी राजस्थानी दिवस का आयोजन किया गया। जिसके माध्यम से देश-विदेश में निवास करने वाले प्रवासी राजस्थानियों को एक मंच पर लाने का काम किया गया। उन्होंने प्रवासी राजस्थानियों को आगामी 23 से 25 मई को आयोजित होने वाले ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट के लिए भी आमंत्रित किया।
इस अवसर पर कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत सहित बड़ी संख्या में प्रवासी राजस्थानी मौजूद थे।
