रायपुर, 27 अप्रैल (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित जमीन मुआवजा अनियमितता मामले में सोमवार को जमीन कारोबारी गोपाल गांधी और उनसे जुड़े लोगों के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार ईडी की विशेष टीम ने अभनपुर क्षेत्र स्थित आवास और कार्यालय सहित आधा दर्जन से अधिक स्थानों को निशाने पर लिया। आज तड़के शुरू हुई इस कार्रवाई में अधिकारी दस्तावेजों के साथ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी गहन जांच कर रहे हैं।
जांच एजेंसियों के मुताबिक रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक कॉरिडोर के तहत भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में भारी वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। आरोप है कि कृषि भूमि को पूर्व तिथि में गैर-कृषि घोषित कर मुआवजा राशि को कई गुना बढ़ाकर दर्शाया गया।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों और जमीन कारोबार से जुड़े लोगों के बीच मिलीभगत से एक ही भूमि को कागजों में विभाजित कर अलग-अलग नामों से मुआवजा प्राप्त किया गया।
इससे पहले भी एजेंसियां इस मामले में छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई कर चुकी हैं, जिसमें बड़ी मात्रा में संपत्तियों को अटैच करने के साथ नकदी भी जब्त की गई थी। मामले में कुछ अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, वहीं आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा द्वारा कई आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र भी प्रस्तुत किया जा चुका है।
ईडी की मौजूदा कार्रवाई को इस पूरे प्रकरण में अहम कड़ी माना जा रहा है और आगे और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
