
नर्मदापुरम। केन्द्रीय जेल नर्मदापुरम में शनिवार को विशेष जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें आपसी राजीनामे के आधार पर वर्ष 2013 से लंबित एक मामले का सफल निराकरण किया गया। यह आयोजन मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नर्मदापुरम के तत्वावधान में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का वर्चुअल शुभारंभ उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश के मुख्य न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति आनंद पाठक द्वारा ग्वालियर खण्डपीठ से किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती तृप्ति शर्मा की उपस्थिति एवं मार्गदर्शन रहा।
लोक अदालत में मामलों के निराकरण के लिए न्यायिक खण्डपीठ का गठन किया गया, जिसकी अध्यक्षता न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सुश्री के. शिवानी ने की, जबकि सुलहकर्ता सदस्य के रूप में पैनल अधिवक्ता हेमेन्द्र सिंह ठाकुर उपस्थित रहे। इस दौरान धारा 138 परकाम्य लिखत अधिनियम से संबंधित 13 वर्ष पुराने प्रकरण को दोनों पक्षों की सहमति से सुलझाया गया।
कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट फिरोज अख्तर सहित अन्य न्यायिक अधिकारी, जेल प्रशासन, अधिवक्ता और विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी उपस्थित रहे।
वर्ष 2013 से लंबित इस मामले को विशेष रूप से चिन्हित कर लोक अदालत में रखा गया था। दोनों पक्षों को समझाइश देकर राजीनामा कराया गया, जिसके बाद न्यायालय ने आरोपी की रिहाई के आदेश भी जारी किए।
