
भोपाल। नीट यूजी 2026 परीक्षा के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने पुलिस मुख्यालय में सभी जिला पुलिस अधीक्षकों के साथ उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक की। बैठक में परीक्षा सुरक्षा, प्रश्नपत्रों के परिवहन, स्ट्रॉन्ग रूम निगरानी, साइबर मॉनिटरिंग और कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तृत रणनीति तैयार की गई।
3 मई 2026 को आयोजित होने वाली इस परीक्षा को “अत्यंत संवेदनशील” बताते हुए मकवाणा ने कहा कि यह लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी है, इसलिए हर प्रक्रिया त्रुटिरहित और पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने सभी परीक्षा केंद्रों, स्ट्रॉन्ग रूम और परीक्षा कक्षों का गहन भौतिक निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, परीक्षार्थियों की सुगम एंट्री के लिए पर्याप्त पुलिस बल और मेटल डिटेक्टर की व्यवस्था करने को कहा।
प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन और परीक्षा के बाद ओएमआर (ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन) शीट की वापसी तक कड़ी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। बैंकों, डाकघरों और परीक्षा केंद्रों के बीच परिवहन के दौरान पुलिस एस्कॉर्ट, डैशकैम और निर्धारित रूट मॉनिटरिंग का उपयोग किया जाएगा।
चंबल रेंज सहित संवेदनशील और सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की नकल, पेपर लीक या संगठित गिरोहों की गतिविधियों को रोका जा सके। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
साइबर निगरानी को भी मजबूत किया गया है। साइबर कमांडो सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अफवाह, पेपर लीक या संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे। किसी भी प्रकार की आपराधिक लापरवाही, प्रतिरूपण या संगठित नकल पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश के 30 शहरों में 283 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें लगभग 1.18 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे।
