
ग्वालियर। संतों ने गौसेवा, सम्मान और सुरक्षा के लिए गौसम्मान आह्ववान अभियान शुरू किया है। वे गांव-गांव में जाकर गौ संरक्षण के लिए जनमानस को जाग्रत करेंगे। शनिवार को ग्वालियर आए संत रामप्रकाश महाराज ने कहा कि गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने तहसील स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। संतों के नेतृत्व में आमजन कलश यात्रा लेकर तहसील पहुंचेंगे, जहां प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देकर अनुरोध किया जाएगा कि गाय को राष्ट्रमाता घोषित किया जाए।
उन्होंने बताया कि हमारे इस अभियान में बाबा बागेश्वर एवं राजेंद्रदास महाराज जैसे बड़े संतों के साथ संघ प्रमुख मोहन भागवत भी साथ हैं। उन्होंने कहा कि संत आगे बढ़ें, संघ उनके साथ है। उन्होंने बताया कि इस कड़ी में 27 अप्रैल को गौसम्मान दिवस मनाया जाएगा। इस दिन तहसील स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। 27 जुलाई को कलेक्ट्रेट पर एवं 27 अक्टूबर को राज्य सचिव के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि 27 फरवरी को दिल्ली में 30 हजार गौभक्त जुटेंगे और छह माह तक वहां शांतिपूर्ण बैठकर सरकार को पत्र लिखेंगे। संत बालकदास ने कहा कि गाय लोगों के घर से नहीं निकली, बल्कि लोगों के ह्दय से निकल गई है, जिसकी वजह से ऐसे आंदोलनों की जरूरत पड़ रही है। पत्रकारवार्ता को श्रीराम शर्मा, निगम तोमर एवं श्रीराम शर्मा एवं राष्ट्रीय सनातन सभा के अध्यक्ष पंकज ठाकुर ने भी संबोधित किया।
*-ये हैं संतों की प्रमुख मांगे*
-भारत में गौहत्या पर पूर्णत: रोक लगे।
-गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाए।
गौसेवा के लिए केंद्रीय कानून लागू हो।
गोचर बोर्ड बने, चारा सुरक्षा नीति तय हो।
गौआधारित कृषि सुनिश्चत हो।
