
बैतूल। जिले में दो पटवारियों के निलंबन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने अजय जावरकर और संध्या शुक्ला के निलंबन को अनुचित बताते हुए तत्काल बहाली की मांग की है।
संघ का कहना है कि रिकॉर्ड स्कैनिंग और डेटा वेरिफिकेशन के दौरान तकनीकी समस्याओं के कारण ऑटो अप्रूव जैसी स्थिति बनी थी। इस संबंध में अधिकारियों को पहले ही जानकारी दी जा चुकी थी। इसके बावजूद संबंधित कर्मचारियों का पक्ष जाने बिना निलंबन कर दिया गया, जो नियमों के विरुद्ध है।
पटवारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 29 अप्रैल तक दोनों कर्मचारियों को बहाल नहीं किया गया तो 30 अप्रैल से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। आंदोलन के तहत पहले तीन दिन सामूहिक अवकाश लिया जाएगा। इसके बाद सीमित कार्य किया जाएगा और 13 मई से कलमबंद हड़ताल शुरू करने की बात कही गई है।
वहीं प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जिले में फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान की प्रगति संतोषजनक नहीं है। अब तक केवल 33 प्रतिशत काम पूरा हो सका है। इसी कारण अधिकारियों द्वारा सख्ती बरती जा रही है। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने एक माह में 70 प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, निलंबित पटवारियों द्वारा लगभग एक महीने तक ऑनलाइन रिकॉर्ड का सत्यापन नहीं किया गया। जबकि नियमानुसार पटवारी के सत्यापन के बाद ही रिकॉर्ड पोर्टल पर दर्ज होता है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की गई है।
संघ के सचिव सुभाष पवार का आरोप है कि तकनीकी खामी के लिए जिम्मेदार वेंडर पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही, बल्कि पटवारियों को ही निशाना बनाया जा रहा है।
