जोहानिसबर्ग | दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच मैचों की टी20 श्रृंखला में 3-0 से पिछड़ने के बाद भारतीय महिला टीम शनिवार को चौथे मुकाबले में आत्मसम्मान की लड़ाई लड़ने उतरेगी। मेजबान दक्षिण अफ्रीका ने पहले ही श्रृंखला में अजेय बढ़त बना ली है, ऐसे में भारत के लिए यह मैच अपनी प्रतिष्ठा बचाने और खोई हुई लय वापस पाने का आखिरी मौका है। भारतीय टीम का लक्ष्य जून में इंग्लैंड में होने वाले टी20 विश्व कप से पहले अपनी रणनीतियों को दुरुस्त करना होगा। लगातार तीन हार ने टीम के मनोबल को प्रभावित किया है, लेकिन बड़े टूर्नामेंट से पहले कमजोरियों को दूर करने के लिए जीत का स्वाद चखना अनिवार्य है।
श्रृंखला के पिछले मुकाबलों में भारतीय टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। टीम के गेंदबाज विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में पूरी तरह विफल रहे हैं, जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीन मैचों में दक्षिण अफ्रीका ने भारत के 21 विकेट झटके, जबकि भारतीय गेंदबाज महज 7 विकेट ही ले सके। स्मृति मंधाना, जेमिमा रोड्रिग्स और ऋचा घोष जैसी स्टार खिलाड़ियों को बल्ले से एकजुट होकर प्रदर्शन करना होगा। वहीं, दक्षिण अफ्रीकी कप्तान लॉरा वोल्वार्ट प्रचंड फॉर्म में हैं, जिन्होंने पिछले मैच में 115 रनों की शतकीय पारी खेलकर भारतीय आक्रमण की बखिया उधेड़ दी थी।
भारतीय समयानुसार रात 9:30 बजे शुरू होने वाला यह मुकाबला हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम के लिए प्रयोगों से ऊपर उठकर परिणाम देने वाला होना चाहिए। टीम इंडिया को न केवल वोल्वार्ट के बल्ले को शांत रखना होगा, बल्कि मध्यक्रम में भी अनुशासन दिखाना होगा। चयनकर्ताओं की नजरें युवा खिलाड़ी श्रेयंका पाटिल और काशवी गौतम पर भी टिकी होंगी, ताकि विश्व कप के लिए कोर टीम को अंतिम रूप दिया जा सके। अगर भारत यह मैच जीतता है, तो इससे न केवल क्लीन स्वीप का खतरा टलेगा, बल्कि खिलाड़ियों के आत्मविश्वास में भी इजाफा होगा।

