कुपोषित बच्ची की मौत के तीसरे दिन फिर मिला गंभीर कुपोषण

सतना : जिले के चित्रकूट क्षेत्र में कुपोषण की स्थिति कैसी है इसकी तस्दीक वहां पर सामने आने वाले नित नए केस और उनमें से कुछ की मौत के जरिए की जा सकती है. इसके साथ ही इस बात की भी तस्दीक की जा सकती है कि स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग के जिम्मेदारों की निगरानी और उपचार व्यवस्था कितनी कारगर है. जिम्मेदारों को आईना दिखाने के लिए इससे बड़ी और क्या बात हो सकती है कि 4 माह की मासूम की कुपोषण से मौत के तीसरे दिन ही एक और बच्ची कुपोषण के चलते अति गंभीर हालत में पाई गई.

शुक्रवार की सुबह स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम ने चित्रकूट क्षेत्र के कुपोषण से प्रभावित माने जाने वाले गांव का दौरा शुरु किया. इस दौरान गुप्त गोदावरी मोड़ क्षेत्र में रहने वाले परिवार के एक बच्चे को कुपोषित के तौर पर चिंहित किया गया. इसी कड़ी में जब संयुक्त टीम नयगांव क्षेत्र में पहुंची तो वहां पर दो बच्चे कुपोषित मिले. जिसमें से एक बच्ची जिसकी उम्र 5 माह है, गंभीर तौर पर कुपोषित पाई गई. बच्ची की हालत को देखते हुए ब्लॉक मेडिकल आफिसर रुपेश सोनी ने परिजनों को इस बात की समझाइस दी कि बच्ची को फौरन उपचार की आवश्यकता है.

हलांकि परिजनों ने पहले आनाकानी जारी रखी, लेकिन फिर कुछ देर बाद बच्ची का उपचार कराने के लिए राजी हो गए. जिसके चलते बच्ची को मझगवां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. जहां पर उसकी हालत को देखते हुए उसे जिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया गया. जिला चिकित्सालय में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप द्विवेदी के अनुसार बच्ची को शुक्रवार को ही बच्चों के आईसीयू में भर्ती कर उपचार शुरु किया गया. लेकिन उसका ब्लड शुगर न सिर्फ काफी कम था बल्कि नियंत्रित भी नहीं हो पा रहा था. जिसे देखते हुए बच्ची को उपचार के लिए हायर सेंटर में भेजने का निर्णय लिया गया. इसी कड़ी में शुक्रवार की शाम बच्ची को मेडिकल कॉलेज रीवा के लिए रेफर कर दिया गया.

जहां पर बच्ची को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है. शुक्रवार को जिस बच्ची को गंभीर कुपोषण की श्रेणी में चिंहित कर उपचार के लिए भेजा गया है वह मोहनी प्रजापति महज 5 माह की है. बच्ची का वजन 2 किलो 327 ग्राम पाया गया. गौरतलब है कि 3 दिन पहले ही चित्रकूट क्षेत्र के मझगवां ब्लाक अंतर्गत सुरंगी पथरा गांव में 4 माह के जुड़वां बच्चे गंभीर तौर पर कुपोषित हालत में पाए गए थे. जिसमें से बच्ची ने 2 दिन पहले ही उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था. जबकि उसके जुड़वां भाई नैतिक का गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रीवा में उपचार जारी है.
पोषण न मिलने से बिगड़ी हालत
कुपोषित और गंभीर तौर पर बीमार बच्ची मोहिनी के पिता मुकेश प्रजापति और मां सावित्री प्रजापति के अनुसार बच्ची का जन्म उप्र के चित्रकूट जिले के जिला चिकित्सालय में हुआ था. परिजनों के अनुसार जन्म से ही बच्ची का एक कान विकसित नहीं हुआ था. इतना ही नहीं बल्कि जन्म से ही बच्ची का स्वास्थ्य सामान्य नहीं रहा. इसी कड़ी में समुचित उपचार और पोषण नहीं मिल पाने के कारण बच्ची की हालत और बिगड़ती चली गई. पिछले कुछ दिनों से बच्ची की तबियत खराब होने पर परिजनों द्वारा उसका उपचार शिवरामपुर के एक कथित झोलाछाप चिकित्सक के जरिए कराया जा रहा था

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