हैदराबाद | मनोज बाजपेयी अभिनीत फिल्म ‘गवर्नर: द साइलेंट सेवियर’ ने दर्शकों पर अपनी गहरी छाप छोड़ी है। 1990 के दशक के आर्थिक संकट और आरबीआई के पूर्व गवर्नर एस. वेंकिटारमनन के संघर्षों पर आधारित यह राजनीतिक-वित्तीय थ्रिलर लोगों को खूब पसंद आ रही है। दर्शक मनोज बाजपेयी के अभिनय को ‘देसी धुरंधर’ बताकर उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं।
फिल्म की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
चिन्मय डी. मंडलेकर द्वारा निर्देशित इस फिल्म में भारत के उस कठिन दौर को दिखाया गया है, जब देश आर्थिक पतन के कगार पर था। मनोज बाजपेयी ने एक ऐसे गुमनाम नायक की भूमिका निभाई है, जिन्होंने अपनी दूरदर्शिता से भारत को वित्तीय उथल-पुथल से बाहर निकाला। फिल्म में अदा शर्मा एक पत्रकार की मुख्य भूमिका में नजर आ रही हैं।
विवाद और चर्चाओं का केंद्र
सोशल मीडिया पर फिल्म की कहानी और निर्देशन की सराहना हो रही है, हालांकि कुछ दर्शकों ने मार्केटिंग टीम पर खराब रणनीति अपनाने का आरोप भी लगाया है। बावजूद इसके, बुकमाईशो चार्ट पर फिल्म का क्रेज चरम पर है। विपुल अमृतलाल शाह द्वारा निर्मित यह सार्थक सिनेमा इतिहास के एक अनछुए अध्याय को बड़े पर्दे पर जीवंत कर रहा है।

