
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को प्रदेश की जनता, विशेषकर किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि समृद्ध किसान ही विकसित भारत 2047 के निर्माण की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास की गति का मुख्य आधार किसान हैं और उनकी खुशहाली ही मध्यप्रदेश की असली ताकत है।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” बताते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और उनके जीवन में समृद्धि लाने के लिए लगातार ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन को देखते हुए उपार्जन लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है, जो किसानों की आय सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है। समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए स्लॉट बुकिंग सभी किसानों के लिए खोल दी गई है और अब सप्ताह में 6 दिन खरीदी होगी, शनिवार को अवकाश नहीं रहेगा।
उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण पर किसानों को 4 गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही उड़द की एमएसपी पर खरीदी के साथ 600 प्रति क्विंटल बोनस और सरसों पर भावांतर योजना लागू की जा रही है। किसानों को मात्र 5 में कृषि पंप कनेक्शन देने और सिंचाई के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराने की योजना भी लागू की जा रही है, जबकि सोलर पंप पर 90% सब्सिडी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने की दिशा में प्रयास जारी हैं। 1752 नई दुग्ध समितियों का गठन किया गया है, प्रतिदिन 10 लाख किलो से अधिक दूध संग्रह हो रहा है और किसानों को 1600 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। दूध के दाम में ₹8 से ₹10 प्रति किलो तक बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है और वितरण प्रणाली को तकनीक के माध्यम से बेहतर बनाया गया है, जिससे किसानों को बिना लाइन लगे खाद मिल सके।
मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि सरकार किसानों के हर सुख-दुख में साथ खड़ी है और किए गए वादों को पूरा कर रही है। उन्होंने कहा, सच्चा वादा, पक्का काम हमारी सरकार का संकल्प है। आइए, हम सब मिलकर किसान कल्याण वर्ष में मध्यप्रदेश को कृषि क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।
