
आमला। नगर पालिका आमला द्वारा कर वसूली को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत शनिवार को न्यायालय परिसर में आयोजित लोक अदालत में बड़ी संख्या में बकायादारों ने अपने बकाया कर का भुगतान किया। लोक अदालत में संपत्तिकर के 193 बकायादारों ने लगभग 8 लाख रुपये जमा किए, जबकि जलकर के 120 उपभोक्ताओं द्वारा करीब 2 लाख 30 हजार रुपये की राशि जमा की गई। इस प्रकार कुल मिलाकर 313 लोगों से 10 लाख रुपये से अधिक की कर वसूली की गई।
नगर पालिका द्वारा कर वसूली बढ़ाने के लिए पूर्व में बकायादारों के नाम फ्लेक्स पर लिखकर जनपद चौक पर चस्पा किए गए थे। इस कदम के बाद नगर में राजनीतिक माहौल गर्मा गया था। हालांकि इस तरीके से कर वसूली में कुछ बढ़ोतरी भी देखने को मिली है, लेकिन इस मुद्दे ने नगर की राजनीति में भी खासा स्थान बना लिया।इस मामले में कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष विजेंद्र भावसार और युवक कांग्रेस अध्यक्ष मनीष नागले ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी के इस कदम का विरोध दर्ज कराया था। उनका कहना था कि इस प्रकार नाम सार्वजनिक करना नागरिकों का अपमान है। वहीं दूसरी ओर भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष निलेश राठौर ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए नगर पालिका के इस कदम का समर्थन किया और इसे कर वसूली के लिए जरूरी बताया।
इस पूरे मामले को लेकर नगर में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं की लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आती रहीं और यह मुद्दा चर्चा का विषय बना रहा। राजनीतिक विरोध के बावजूद नगरपालिका द्वारा लगाए गए फ्लेक्स नहीं हटाए गए।लोक अदालत के बाद भी नगर में करीब 40 लाख रुपये की कर राशि अभी भी बकाया बताई जा रही है। बताया जाता है कि अब नगरपालिका शेष बकायादारों के नाम उनके-अपने वार्डों में अनाउंस कर कर वसूली की कार्रवाई को और तेज करेगी।नगर में इस मुद्दे को लेकर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां अधिकांश लोगों ने कर वसूली के लिए अपनाए गए इस सख्त कदम को सही ठहराते हुए नगरपालिका अधिकारियों की सराहना की है, वहीं कुछ लोगों ने इसे ‘तिरस्कार प्रणाली’ बताते हुए इसका विरोध भी दर्ज कराया है। इससे स्पष्ट है कि कर वसूली का यह तरीका जहां प्रशासन के लिए प्रभावी साबित हो रहा है, वहीं सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर बहस का विषय भी बन गया है।
