इंदौर: गुजरात की तर्ज पर प्रदेश में भी कांग्रेस संगठन सृजन अभियान चलाया है. उक्त अभियान के प्रदेश अध्यक्ष की हवा खुद प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी निकालने पर आमादा है. इंदौर में जिन्होंने अध्यक्ष की दावेदारी नहीं की, उनके नाम जुड़वा दिए है. अब देखना यह है कि एआईसीसी के पर्यवेक्षक औजला के रिपोर्ट पर निर्णय होगा या फिर पुराना ढर्रा चलेगा.
इंदौर और प्रदेश के नगर एवं जिला अध्यक्षों को दिल्ली में लेकर भारी खींचतान चल रही है. इसका कारण यह बताया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी हाईकमान के अनुसार चलने को राजी नहीं हो रहे है. खासकर इंदौर के मामले में. वे हर हाल में अपने समर्थक कमल छाप कांग्रेस नेता अरविंद बागड़ी को बनाने पर तुले हुए है. साथ ही प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भी पटवारी के आभामंडल में घिर चुके है.
इंदौर में अमन बजाज, राजू भदौरिया, सुरजीत चड्डा ने गंभीरता से दावेदारी की है. उक्त तीनों नामों को लेकर एआईसीसी पर्यवेक्षक और पंजाब अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला ने रिपोर्ट दी है. प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने चिंटू चौकसे और पिंटू जोशी का नाम भी दावेदारों में जुड़वा दिया है. एआईसीसी ने पहले ही तय कर दिया है कि जो अध्यक्ष बनेगा, वो चुनाव नहीं लड़ पाएगा. इस आधार पर जोशी और चौकसे ने दावेदारी ही नहीं जताई है. पिंटू जोशी ने अमन बजाज और चिंटू चौकसे ने राजू भदौरिया का समर्थन किया है.
युवाओं को मिलेगा मौका!
बताया जा रहा है कि पटवारी ने अरविंद बागड़ी के लिए, जिन्होंने दावेदारी नहीं की है, उनके नाम जुड़वा कर मामला अटकाने के साथ विवादित बनाया है. ध्यान रहे कि अहमदाबाद अधिवेशन में राहुल गांधी ने गुजरात की तर्ज पर संगठन सृजन अभियान के साफ संदेश दे दिया था कि अब पुराने और उम्र दराज नेता की जगह युवा को मौका मिलेगा. बजाज और भदौरिया दोनों युवा है. वहीं पटवारी समर्थक बागड़ी 60 के करीब पहुंच चुके है और उनकी पार्टी के प्रति विश्वसनीयता संदेहस्पद है.
