इंदौर:पूरे अपहरण कांड में सामने आया है कि वारदात का मास्टरमाइंड एक बेरोजगार युवक था, जो लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था. जल्दी पैसा कमाने की चाह में उसने ही पूरी साजिश तैयार की और अन्य लोगों को इसमें शामिल किया. जांच में पता चला कि आरोपी ने करीब सात दिन तक योजना बनाई.
उसने अपने स्तर पर पूरी रणनीति तैयार की और हर सदस्य को अलग अलग जिम्मेदारी सौंपी. वारदात के पीछे उसका मकसद कम समय में बड़ी रकम हासिल करना था, जिसके लिए उसने बच्चों को आसान निशाना चुना. पुलिस के अनुसार, पूरे घटनाक्रम में आरोपी की भूमिका सबसे अहम रही और वही इस साजिश का मुख्य संचालक था. उससे पूछताछ कर उसके आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है.
