खंडवा: शहर के घनी आबादी वाले इमलीपुरा क्षेत्र में शुक्रवार को जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक रोंगटे खड़े कर देने वाले अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया है। बेगम पार्क के सामने वाली गली में संचालित एक कारखाने पर दी गई दबिश में भारी मात्रा में पशुओं की चर्बी और उससे तैयार किया जा रहा नकली घी बरामद हुआ है। इस तरह की कार्रवाई पहले भी इस क्षेत्र में की जा चुकी है।
चर्बी से घी बनाने का घिनौना खेल-
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस कारखाने में पशुओं की चर्बी को पिघलाकर उसे घी का रूप दिया जा रहा था। प्रशासनिक टीम जब मौके पर पहुंची, तो वहां का नजारा बेहद वीभत्स था; चारों तरफ जानवरों की हड्डियां, खाल और भारी मात्रा में चर्बी बिखरी पड़ी थी। आशंका जताई जा रही है कि यह नकली और जानलेवा घी लंबे समय से बाजार में असली बताकर खपाया जा रहा था।
अधिकारियों ने संभाली कमान-
कार्रवाई का नेतृत्व सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह और नगर निगम उपायुक्त सीता मोघट ने किया। मौके पर मोघट थाना टीआई धीरज धरवाल सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों के मुताबिक, गुप्त सूचना मिली थी कि इमलीपुरा के एक रिहायशी मकान की आड़ में प्रतिबंधित गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है।
सैंपल लेकर लैब भेजे जाएंगे-
छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से कच्चा माल, तैयार घी और इसे बनाने वाले उपकरण जप्त किए गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जो जप्त घी के सैंपल लेकर लैब जांच के लिए भेजेगी। प्रशासन अब उन कड़ियों को जोड़ने में जुटा है कि यह माल कहां सप्लाई किया जाता था और इस काले कारोबार के पीछे मुख्य मास्टरमाइंड कौन है।
क्षेत्र में पुलिस का सख्त पहरा-
इमलीपुरा जैसे संवेदनशील और घनी बस्ती वाले इलाके में इस कार्रवाई के बाद तनावपूर्ण शांति है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर पूरे इलाके की घेराबंदी कर रखी है। नगर निगम की टीम जप्त की गई हड्डियों और अवशेषों के वैज्ञानिक निस्तारण की तैयारी कर रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई तय मानी जा रही है।
