समय से पहले पूरे हों सिंहस्थ के काम, सडक़, पुल हर प्रोजेक्ट पर तेज़ी जरूरी

उज्जैन। सिंहस्थ 2028 के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए रेलवे ने व्यापक स्तर पर क्राउड मैनेजमेंट की तैयारी शुरू कर दी है। उज्जैन रेलवे स्टेशन सहित आसपास के प्रमुख स्टेशनों को विकसित कर उन्हें सैटेलाइट स्टेशन के रूप में तैयार किया जा रहा है, जहां श्रद्धालुओं के लिए होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे।

गुरुवार को संभागायुक्त आशीष सिंह, एडीजी राकेश गुप्ता, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, डीआईजी नवनीत भसीन, एसपी प्रदीप शर्मा, रेलवे रतलाम मंडल के एडीआरएम अक्षय कुमार सहित प्रशासन और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने विशेष सैलून से पिंगलेश्वर, पंवासा, मोहनपुरा, नईखेड़ी और चिंतामन गणेश स्टेशन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रेलवे अधिकारियों ने बताया कि प्रयागराज महाकुंभ के अनुभव के आधार पर सिंहस्थ 2028 के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। उज्जैन रेलवे स्टेशन पर तीन नए फुट ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे और प्लेटफार्म नंबर 8 के बाहर करीब 15 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में बड़ा होल्डिंग एरिया विकसित किया जाएगा। इसके अलावा नईखेड़ी स्टेशन को चार प्लेटफार्म तक विस्तारित किया जाएगा, पंवासा में नया प्लेटफार्म बनेगा, जबकि मोहनपुरा को सैटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। पिंगलेश्वर, चिंतामन गणेश और विक्रमनगर स्टेशनों का भी उन्नयन किया जा रहा है। यात्रियों की सुविधा के लिए अलग-अलग एंट्री-एग्जिट, नए अप्रोच रोड, फुट ओवर ब्रिज और प्लेटफार्म निर्माण किए जाएंगे।

 

सिंहस्थ कार्यों में ढिलाई नहीं चलेगी-19 नए पुल बनाए जा रहे

 

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर आयोजित पर्यवेक्षण समिति की बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं और विशेष रूप से सडक़ निर्माण कार्य बारिश से पहले हर हाल में पूरे हों। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, संभागायुक्त आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह सहित अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य सचिव ने कहा कि मेडिसिटी, पुल निर्माण और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की गति बनी रहनी चाहिए और जहां संभव हो, कार्य समय से पहले पूर्ण किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो। सिंहस्थ के अंतर्गत उज्जैन जिले में 19 पुलों में से 18 पर काम जारी है, जिनमें से 6 पुलों का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। शिप्रा नदी के घाटों के निर्माण कार्यों को भी बारिश से पहले प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा 155.93 करोड़ रुपये की लागत वाले 10 महत्वपूर्ण कार्यों के प्रस्ताव पर्यवेक्षण समिति द्वारा अनुशंसित किए गए।

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