
ग्वालियर। नगर निगम परिषद की विशेष बैठक में आज हंगामे की स्थिति बन गई। शहर के विकास कार्यों पर चर्चा के लिए बुलाई गई यह बैठक ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर हुए विवाद के बाद स्थगित कर दी गई। कांग्रेस के पार्षदों ने महापौर के साथ वॉकआउट किया।
बैठक में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि बिना सहमति के इस प्रस्ताव को जबरन पारित करने का प्रयास किया गया। हंगामे के बीच जमकर नारेबाजी हुई। स्थिति बिगड़ते देख सभापति मनोज तोमर ने एक एमआईसी सदस्य को सदन से बाहर कर दिया। इस कार्रवाई के विरोध में महापौर शोभा सिंह सिकरवार और सभी कांग्रेस पार्षदों ने बैठक से वॉकआउट किया।
महापौर डॉ. शोभा सिंह सिकरवार ने कहा कि ‘नारी वंदन’ प्रस्ताव के लिए उनकी सहमति नहीं थी, लेकिन इसे तानाशाही तरीके से लाया और पारित कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह लोकसभा और विधानसभा में कांग्रेस की आवाज दबाई जाती है, वैसा ही निगम परिषद में भी किया जा रहा है।
*सभापति ने कांग्रेस के आरोपों को किया खारिज*
सभापति मनोज तोमर ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपनाई गई सभी प्रक्रियाएं नियमों के दायरे में थीं और बैठक का संचालन सबकी सहमति से किया गया था। सभापति ने कहा कि प्रस्ताव नियमानुसार पारित किया गया है और सदन की मर्यादा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है।
