मुंबई, 23 अप्रैल (वार्ता) महाराष्ट्र की हाई-प्रोफाइल बारामती विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए गुरुवार शाम पांच बजे तक 52.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया जबकि राहुरी सीट पर इसी समय तक 50.68 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, बारामती में कुल 3,84,579 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,55,199 लोग शाम पांच बजे तक अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे।
इस उपचुनाव को लेकर एक महत्वपूर्ण खबर श्री शरद पवार को लेकर रही। अविभाजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकंपा) के संस्थापक शरद पवार खराब स्वास्थ्य के कारण इस बार मत नहीं डाल सके। उन्होंने एक भावुक संदेश में कहा कि 1967 में अपने पहले चुनाव के बाद से उन्होंने हमेशा बारामती में मतदान किया है, लेकिन इस बार अस्पताल में भर्ती होने के कारण वे मजबूर हैं। उन्होंने वैकल्पिक तरीके से वोट डालने की कोशिश भी की, लेकिन नियमों के कारण वह संभव नहीं हो पाया।
बारामती का यह मुकाबला राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। यह सीट 28 जनवरी को एक विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री और राकंपा प्रमुख अजीत पवार के निधन के कारण खाली हुई थी। अब उनकी पत्नी और वर्तमान उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार यहाँ से मुख्य उम्मीदवार हैं। उनके खिलाफ विपक्षी महा विकास अघाड़ी का कोई साझा उम्मीदवार मैदान में नहीं है। कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी आकाश मोरे का नाम आखिरी समय में वापस ले लिया था।
श्रीमती पवार ने गुरुवार सुबह जल्दी ही अपना मत डाला। उनके साथ चुनावी मैदान में कुल 22 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। चुनाव प्रशासन ने सभी संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, जिससे पूरी मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।
अहिल्यानगर जिले की राहुरी सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक शिवाजी कार्दिले के पिछले साल अक्टूबर में हुए निधन के बाद उपचुनाव हो रहा है। यहाँ भाजपा ने उनके बेटे अक्षय कार्दिले को मैदान में उतारा है। उनका मुकाबला मुख्य रूप से राकंपा (शरद पवार) के गोविंद मोकाटे और वंचित बहुजन अघाड़ी के संतोष चालके से है।
