
इंदौर. देवउठनी ग्यारस की रोशनी शनिवार शाम दो परिवारों के लिए अंधेरे में बदल गई. राऊ के पास आरआर कैट रोड स्थित एक थिनर के गोडाउन में पूजा का जलता दीपक मौत का कारण बन गया. कुछ ही पलों में गोडाउन आग के गोले में बदल गया और भीतर मौजूद दो महिलाएं 50 वर्षीय रामकली और 48 वर्षीय ज्योति लपटों में घिरकर जिंदा जल गईं.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीईआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं. करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. अंदर जाकर जब टीमों ने तलाशी ली तो दोनों महिलाओं के जले हुए शव बरामद हुए. फायर ब्रिग्रेड के एसआई संतोष दुबे ने बताया कि गोडाउन के भीतर देवउठनी ग्यारस की पूजा चल रही थी. पूजा के दौरान जलाए गए दीये से अचानक एक महिला की साड़ी में आग लग गई. साड़ी ने आग पकड़ी तो पास में रखा थिनर भी भभक उठा. देखते ही देखते आग ने पूरे गोडाउन को अपनी चपेट में ले लिया. महिलाएं अंदर की तरफ थीं, इसलिए वे बाहर नहीं निकल सकीं. वहीं गोडाउन में मौजूद बच्चे किसी तरह बाहर भागकर जान बचाने में कामयाब हुए. वहीं राउ थाना प्रभारी राजपाल सिंह राठौर ने बताया कि मृतकों में 50 वर्षीय रामकली पिता हरिराम अहिरवार निवासी सागर और 48 वर्षीय ज्योति पिता मनोज निवासी द्वारिकापुरी हैं. दोनों महिलाएं रिश्तेदारों के साथ गोडाउन पर आई थीं. डीसीपी जोन-1 कृष्ण लालचंदानी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पूजा का दीया ही आग का कारण बना. थिनर और अन्य ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई. फायर ब्रिगेड की चार से अधिक गाड़ियां और एसडीईआरएफ की टीम ने संयुक्त रूप से आग बुझाने का कार्य किया.
