
विदिशा। प्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर बढ़ती नाराजगी अब राजनीतिक रंग लेने लगी है। किसानों की समस्याओं से उपजे असंतोष के बीच सत्ताधारी दल के ही विधायक खुलकर मोर्चा लेते नजर आ रहे हैं। शमशाबाद से विधायक सूर्य प्रकाश मीणा ने साफ कहा है कि यदि सात दिनों के भीतर खरीदी व्यवस्था पटरी पर नहीं आई, तो वे किसानों के साथ सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराएंगे। दरअसल, भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात कर खरीदी केंद्रों पर फैली बदइंतजामी, तुलाई में देरी और किसानों की परेशानियों को विस्तार से बताया, जिसके बाद विधायक ने मौजूदा हालात को गंभीर बताते हुए नाराजगी जताई।
मीणा ने कहा कि सामान्यतः हर वर्ष 20 अप्रैल तक तुलाई का काम लगभग पूरा हो जाता था, लेकिन इस बार स्थिति उलट है और व्यवस्थाएं अब तक सुचारू नहीं हो पाई हैं। उन्होंने संकेत दिए कि इस मुद्दे को लेकर वे जल्द ही मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह से भी चर्चा करेंगे। साथ ही उन्होंने किसानों से संयम रखने की अपील करते हुए कहा कि एक सप्ताह तक इंतजार करें, उसके बाद जरूरत पड़ी तो सभी किसान अपने कामकाज छोड़कर आंदोलन के लिए तैयार रहें। राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि अपनी ही सरकार के खिलाफ विधायक के इस तेवर से जहां सरकार पर दबाव बढ़ेगा, वहीं विपक्ष को भी आक्रामक होने का मौका मिल सकता है।
