इंदौर: भागीरथपुरा दूषित पानी कांड में हाईकोर्ट द्वारा गठित जांच आयोग ने रिपोर्ट देने के लिए फिर समाज मांगा है. भागीरथपुरा की रिपोर्ट पहले 22 अप्रैल को देना थी, लेकिन जांच आयोग ने 14 जून तक का समय और देने के मांग की है. उक्त मामले में 16 जून को सुनवाई होगी.ेभागीरथपुरा में जहरीले पानी से 35 लोगों के मौत हो गई थी. इस मामले को लेकर विभिन्न संगठनों ने जांच आयोग गठित करने की मांग की थी. इसके अलावा अलग अलग अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट डबल बेंच में याचिका भी दाखिल कर की है. उक्त घटना के लिए हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश सुशील गुप्ता की एक सदस्यीय आयोग गठित किया था.
घटना की विभिन्न बिंदुओं पर सबूतों और दस्तावेज एकत्र कर रिपोर्ट देने का कहा था. इसमें मुख्य रूप से घटना का असली कारण, मौत का आंकड़ा और पीड़ितो को मुआवजा देने की जानकारी एकत्र करना है. वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बागड़ियां ने कोर्ट में मुद्दा उठाया कि पानी केमिकल युक्त सप्लाई किया गया था. जांच आयोग ने उक्त बिंदु को भी जांच में शामिल कर लिया. जांच आयोग ने एक माह के बाद समय बढ़ाने के मांग की थी और 22 अप्रैल तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का कहा था. दो दिन पहल आयोग द्वारा हाईकोर्ट में पत्र के माध्यम से समय बढ़ाने की मांग की, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार करते हुए 14 जून तक का समय दिया. हाईकोर्ट में भागीरथपुरा घटना की 16 जून को सुनवाई होगी.
