
मंदसौर। प्रदेशव्यापी चार दिवसीय हड़ताल के तहत गुरुवार को आशा एवं आशा सुपरवाइजर कर्मचारी महासंघ (संबद्ध भारतीय मजदूर संघ, मध्यप्रदेश) के बैनर तले जिलेभर की आशा कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। महाराणा प्रताप बस स्टैंड स्थित अभिव्यक्ति स्थल पर एकत्रित हुई महिलाओं ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। बाद में संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष भारती सोलंकी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में बताया गया कि जुलाई 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा घोषित प्रतिवर्ष एक हजार रुपये मानदेय वृद्धि का लाभ आज तक आशा कार्यकर्ताओं को नहीं मिल पाया है। वहीं केंद्र, राज्य शासन एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के माध्यम से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि भी जनवरी 2026 से लंबित है। संगठन का आरोप है कि जमीनी स्तर पर निरंतर सेवाएं देने के बावजूद भुगतान के नाम पर कभी बजट की कमी, कभी सॉफ्टवेयर की समस्या तो कभी अन्य बहाने बनाकर आशा बहनों को गुमराह किया जा रहा है।
महासंघ ने कहा कि लगातार पांच-पांच माह तक पारिश्रमिक नहीं मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से जुड़ी आशा कार्यकर्ताओं के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। संगठन ने मांग की कि सभी लंबित राशि का एकमुश्त भुगतान किया जाए तथा आशा कार्यकर्ताओं को न्यूनतम 18 हजार रुपये एवं आशा सहयोगिनियों को 24 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन प्रदान किया जाए।
प्रदर्शन के दौरान आशा बहनों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी न्यायोचित मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर संगठन द्वारा 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भी प्रशासन को सौंपा गया।
ज्ञापन का वाचन रीना राठौर ने किया। कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष भारती सोलंकी, साधना सेन, हेमलता दुबे, संगीता आसलिया, प्रीति त्रिवेदी, पपीता आसलिया, अखिलेश कुंवर, रीना राठौर, मधू परमार, मंजू सूर्यवंशी, विष्णु धाकड़, प्रेमबाई, गोपाल कुंवर सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता एवं आशा सुपरवाइजर उपस्थित रहीं।
धरना-प्रदर्शन के पश्चात प्रदेश उपाध्यक्ष भारती सोलंकी की अध्यक्षता में सीतामऊ ब्लॉक कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। इसमें साधना सेन को अध्यक्ष, संगीता आसलिया एवं अखिलेश कुंवर को उपाध्यक्ष, विष्णु धाकड़ को सचिव तथा हेमलता दुबे एवं प्रीति त्रिवेदी को सहसचिव नियुक्त किया गया। नवमनोनीत पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया।
