नयी दिल्ली 11 जून (वार्ता) भारतीय नौसेना ने कच्चे तेल के टैंकर ‘एमटी ओलंपिक लाइफ’ से बिना फटे मिसाइल वॉरहेड को निकालने के एक मुश्किल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया है।
नौसेना ने गुरुवार को बताया कि मार्शल आइलैंड के ध्वज वाले इस टैंकर पर कोई भी भारतीय नागरिक नहीं था। यह टैंकर संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह से कोच्चि आ रहा था और 26 मई को ओमान के तट के पास इसके ढांचे (हल) में धमाके की खबर मिली। कोच्चि की ओर बढ़ते हुए जहाज ने सूचना दी कि इस पर एक विस्फोटक आ गिरा है जो फटा नहीं है।
‘इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर – इंडियन ओशन रीजन’ से जानकारी मिलने पर, भारतीय नौसेना ने एक समन्वित कार्रवाई शुरू की। कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान ने विस्तृत जांच के लिए एक विशेष ‘विस्फोटक आयुध निस्तारण’ टीम तैनात की। टीम ने पुष्टि की कि एक प्रोजेक्टाइल जहाज के ढांचे को भेदकर, कई हिस्सों से गुजरते हुए एक फ्यूल टैंक के अंदर फंस गया था।
फ्यूल स्टोरेज कम्पार्टमेंट के अंदर बिना फटे मिसाइल वॉरहेड के होने से जुड़े खतरों को देखते हुए टीम ने जहाज, उसके चालक दल के सदस्यों और आसपास के बंदरगाह के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सोच-समझकर चरणबद्ध तरीका अपनाया।
निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद टीम ने वॉरहेड और उससे जुड़े मलबे को सुरक्षित रूप से निकालने से पहले, विस्फोट करने वाले मैकेनिज्म की पहचान करने और उसे अलग करने के लिए उन्नत जांच तरीकों का इस्तेमाल किया। निकाले गए विस्फोटक को सुरक्षित रखने और विस्तृत जांच के लिए एक सुरक्षित जगह पर ले जाया गया है।
लंबे समय तक चले इस बहुत सावधानी से योजनाबद्ध और अंजाम दिए गए जोखिम भरे ऑपरेशन से पता चलता है कि भारतीय नौसेना विस्फोटक हटाने की तकनीकी विशेषज्ञता और समुद्री क्षेत्र की जटिल आपातकालीन स्थितियों से निपटने में विभिन्न एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय में कितनी कुशल है।
