जयशंकर ने अफगानिस्तान के विदेश मंत्री से बात की, भारत ने भूकंप प्रभावितों के लिए भेजी राहत सामग्री

नयी दिल्ली 03 नवम्बर (वार्ता) विदेश मंत्री डा. एस जयशंकर ने अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी से सोमवार को टेलीफोन पर बात कर उत्तरी अफ़गानिस्तान में रविवार रात आए भूकंप में जानमाल के नुकसान पर दुख जताया और कहा कि भारत प्रभावित लोगों के लिए राहत सामग्री भेज रहा है।

विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों पर भी चर्चा की। उन्होंने भारत और अफगानिस्तान के लोगों के बीच परस्पर संपर्क बढने का स्वागत किया। दोनों पक्षों ने अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव के संदर्भ में क्षेत्रीय स्थिति पर भी चर्चा की।

डा. जयशंकर ने बाद में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि भारत अफगानिस्तान में राहत सामग्री और दवाएं भी भेज रहा है, जो जल्द ही पहुंच जाएंगी। दोनों पक्षों ने अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव के संदर्भ में क्षेत्रीय स्थिति पर भी चर्चा की।

उन्होंने कहा , ” आज दोपहर अफ़गानिस्तान के विदेश मंत्री मौलवी अमीर खान मुत्ताकी को फोन करके बल्ख, समांगन और बघलान प्रांतों में आए भूकंप में जानमाल के नुकसान पर दुख जताया। भूकंप प्रभावित समुदायों के लिए भारतीय राहत सामग्री आज सौंपी जा रही है। दवाओं की और खेप जल्द ही पहुंचेगी। उनके दौरे के बाद से हमारे द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति पर चर्चा की। भारत और अफ़गानिस्तान के बीच लोगों के आपसी संपर्क में सुधार का स्वागत किया। क्षेत्रीय स्थिति पर विचारों के आदान-प्रदान की सराहना की।”

उल्लेखनीय है कि अफगानिस्तान में रविवार रात 6.3 की तीव्रता वाले भूकंप के कारण कम से कम 20 लोग मारे गए और 300 से ज़्यादा घायल हो गए। भूकंप का केंद्र खुल्म के पास था, जिससे बल्ख, समांगन और बघलान प्रांत प्रभावित हुए।

दोनों विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर यह बातचीत श्री मुत्ताकी के भारत दौरे और उनकी द्विपक्षीय बातचीत के लगभग एक महीने बाद हुई है, जिसके बाद भारत ने काबुल में अपने तकनीकी मिशन को पूर्ण दूतावास में उन्नत कर दिया है।

 

Next Post

उच्च न्यायालय न्यायाधीश के तौर पर अपनी नियुक्ति की मांग कर रहे याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार

Mon Nov 3 , 2025
नयी दिल्ली, 03 नवंबर (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के तौर पर अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर पेश याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया और इसे व्यवस्था का मज़ाक बताया। यह मामला पहली बार उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई […]

You May Like