इंदौर:इंदौर मेट्रो दूसरे चरण के एलिवेटेड कॉरिडोर पर व्यवसायिक संचालन कब शुरू होगा? इसका उत्तर किसी अधिकारी के पास नहीं है. इसका कारण यह बताया जा रहा है कि मेट्रो लोकार्पण राजनीतिक खींचतान में उलझ गया है. साफ नजर आ रहा है कि प्रदेश में इंदौर और जनता की सुविधा के लिए लोकार्पण पर कोई बात नहीं की जा रही हैं.दरअसल मेट्रो रेल के दूसरे चरण के सुपर कॉरिडोर 02 से मालवीय नगर चौराहे तक 11.5 किलोमीटर लंबी लाइन का काम पूरा हो गया है.
उक्त दूसरे चरण में 11 मेट्रो स्टेशन का निर्माण भी किया गया है. मेट्रो प्राथमिक कॉरिडोर के दूसरे चरण का सत्यापन 18 मार्च को मेट्रो रेल कमिश्नर सुरक्षा ने कर लिया है. उनका अंतिम जांच और निरीक्षण कार्य पूरा हो गया है. 26 मार्च को मेट्रो दूसरे चरण पर व्यवसायिक संचालन की अनुमति दे दी है. मेट्रो रेल लाइन निर्माण पर शासन को करीब 7500 हजार करोड़ का बजट था. यह बात अलग है कि खजराना से हाईकोर्ट तक अंडर ग्राउंड होने से 900 करोड़ रुपए लागत बढ़ गई है. दूसरी ओर एयरपोर्ट से रेलवे स्टेशन तक का काम टाटा और हिंदुस्तान कॉर्प मिलकर कर रहे हैं. मेट्रो का एलिवेटेड कॉरिडोर गांधी नगर से मालवीय नगर चौराहे तक 17 किलोमीटर लंबा है. दूसरे चरण में लवकुश चौराहे से मालवीय नगर तक मेट्रो को भारी सवारी मिलने की संभावना बताई जा रही है.
जनता भुगत रही खामियाजा
मगर, नेताओं के बीच आंतरिक खींचतान का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है. मेट्रो के संचालन की अनुमति मिलने के एक माह बाद भी आज जनता को इसका फायदा नहीं मिल रहा है. वहीं मेट्रो रेल संचालन के अभाव में डिपो में धूल खा रही है. इस बारे में विभागीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन बंद आ रहा था. साथ ही सहयोगी ने कॉल रिसीव नहीं किया
