
सीहोर। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी को लेकर राहत भरी खबर यह है कि अब केंद्रों पर प्रतिदिन खरीदी की लिमिट 1 हजार क्विंटल से बढ़ाकर 2 हजार 250 क्विंटल कर दी गई है.
इस फैसले से अब खरीदी से वंचित रह रहे किसान भी अपनी उपज बेंच सकेंगे.साथ ही केंद्रों पर किसानों को उपज बेचने के लिए दो या तीन दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. किसानों की सुविधा के लिए उपार्जन केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या भी 4 से बढ़कर 6 की गई है. इससे समय पर किसानों के गेहूं की तुलाई हो सकेगी. जिले में गेहूं के उपार्जन के लिए 240 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं. गेहूं की खरीदी कार्यालयीन दिवसों में होती है. सेटेलाइट ई-मेल में मिलान नहीं पाए गए खसरों को छोड़कर उसी किसान के शेष खसरों पर गेहूं की फसल विक्रय हेतु स्लॉट बुकिंग की सुविधा शुरु कर दी गई है.जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए 1.2 लाख किसानों ने पंजीयन करवाया था. इनमें से अब तक 28 हजार किसान अपनी उपज बेच चुके हैं. हालांकि इनमें अधिकांश छोटे किसान ही शामिल हैं. ऐसे में अब तक जिले में 1 लाख 33 हजार क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है. जिले में अब तक 1 लाख 33 हजार क्विंटल गेहूं का उपार्जन हो चुका है.
उपार्जन केन्द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके, इसके लिए हर दिन उपार्जन केन्द्र पर गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 1500 क्विंटल की गयी थी. अब इसे 2250 क्विंटल प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्द्र कर दिया गया है.
किसान अब भी मंडी में उपज बेचने को मजबूर
प्रशासन भले ही किसानों के लिए राहत के दावे करे, लेकिन हकीकत यह है कि अब भी किसान उपज बेचने के लिए परेशान हो रहा है। गांव चांदबड़ के किसान मनोहर ने बताया कि वे अपनी उपज बेचने के लिए स्लॉट ही बुक नहीं कर पा रहे हैं। जब भी स्लॉट बुक करने की कोशिश करते हैं तो मैसेज आता है कि अभी सिर्फ कम रकबे वाले किसानों के स्लॉट बुक हो रहे हैं। बता दें कि स्लॉट बुकिंग नहीं होने से किसानों को मजबूरी में अपनी उपज मंडी में बेचने जाना पड़ रहा है. जहां उन्हें अपनी उपज के सही दाम नहीं मिल पा रहे हैं.
