
सिंगरौली । जिला मुख्यालय में स्थित अंतरराज्यीय बस स्टैंड बैढ़न के यात्री प्रतीक्षालय इन दिनों बदहाली का प्रतीक बन गया है। भीषण गर्मी के इस दौर में जहां यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए, वहीं यहां अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है। प्रतीक्षालय में लगे करीब 20 पंखे पिछले कई महीनों से बंद पड़े हैं, जो अब केवल शो पीस बनकर रह गए हैं। गर्मी से राहत पाने के लिए यात्री इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं।
प्रतीक्षालय में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। परिसर में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है, जिससे न केवल यात्रियों को परेशानी हो रही है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि नगर निगम सिंगरौली के अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। यहां असामाजिक तत्वों का बढ़ता जमवाड़ा। प्रतिदिन प्रतीक्षालय परिसर में जुआ का फड़ लगना आम बात हो गई है। इसके अलावा शराबियों का आतंक भी यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को यहां असुरक्षा का माहौल महसूस होता है। कई बार यात्री इन तत्वों के कारण प्रतीक्षालय में बैठने से भी कतराते हैं। हैरानी की बात यह है कि बस स्टैंड से महज 100 मीटर की दूरी पर कोतवाली थाना स्थित है, इसके बावजूद असामाजिक गतिविधियों पर कोई प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता के चलते इन तत्वों के हौसले बुलंद हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बस स्टैंड के यात्री प्रतीक्षालय की व्यवस्था को तत्काल सुधारा जाए। बंद पड़े पंखों को चालू कराया जाए, नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही पुलिस द्वारा नियमित गश्त बढ़ाने की भी आवश्यकता जताई गई है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल मिल सके। यदि जिम्मेदार विभाग समय रहते सक्रिय नहीं हुए, तो यह महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल यात्रियों के लिए और अधिक परेशानी का कारण बन सकता है।
हनुमान मंदिर परिसर में फ्रिजर, प्रतीक्षालय में प्याऊ का सहारा
स्थानीय लोगों का कहना है कि शायद ही कभी यहां नियमित निरीक्षण किया जाता हो, जिसके कारण स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। भीषण गर्मी के बीच जहां यात्रियों को ठंडा पानी उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए, वहीं प्रतीक्षालय के भीतर पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। हालांकि हनुमान मंदिर के पास एक फ्रीजर लगाया गया है और प्रतीक्षालय में एक प्याऊ भी खोला गया है, लेकिन यह व्यवस्था यात्रियों की संख्या के मुकाबले नाकाफी साबित हो रही है। यात्रियों को पानी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है, स्थिति को और गंभीर बनाता है।
बस स्टैंड में लग रहा जुआ का फड़
स्थिति को और गंभीर बनाता है यहां असामाजिक तत्वों का बढ़ता जमवाड़ा। प्रतिदिन प्रतीक्षालय परिसर में जुआ का फड़ लगना आम बात हो गई है। इसके अलावा शराबियों का आतंक भी यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को यहां असुरक्षा का माहौल महसूस होता है। कई बार यात्री इन तत्वों के कारण प्रतीक्षालय में बैठने से भी कतराते हैं।
