नई दिल्ली | जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए नृशंस आतंकी हमले की आज पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के शीर्ष नेतृत्व ने पीड़ितों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पिछले साल आज ही के दिन पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने धर्म के आधार पर पहचान कर 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी थी। इस दुखद अवसर पर पीएम मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया कि भारत आतंकवाद के घिनौने मंसूबों के आगे कभी नहीं झुकेगा। उन्होंने ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में कहा कि देश उन बेकसूर लोगों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा और पूरा राष्ट्र पीड़ित परिवारों के साथ एकजुटता से खड़ा है।
इस हमले के बाद भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन महादेव’ के जरिए आतंकवादियों को करारा जवाब दिया था। सेना ने सोशल मीडिया पर ‘भारत भूलता नहीं है’ के संदेश के साथ एक कड़ी चेतावनी जारी की है कि इंसानियत की सीमाएं लांघने वालों का अंजाम बुरा होगा। गौरतलब है कि सेना ने 93 दिनों तक चले सघन अभियान के दौरान 300 वर्ग किलोमीटर के दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में छानबीन कर हमले के मुख्य अपराधियों को ढेर कर दिया था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सेना की इस निर्णायक कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि भारत अब सीमा पार आतंकवाद का जवाब पूरी शक्ति और स्पष्टता के साथ दे रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हमले की बरसी पर पीड़ितों को याद करते हुए दोहराया कि भारत सरकार आतंकवाद और उसे पनाह देने वालों के खिलाफ अपनी ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति पर कायम है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है और इसके खात्मे के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं। 22 अप्रैल, 2025 को हुए इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ का हाथ था, जिसमें नवविवाहित जोड़ों सहित कई मासूमों की जान गई थी। आज पूरा देश उन जख्मों को याद कर आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रहने का संकल्प ले रहा है।

