सिंगरौली: जिले के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर की व्यवस्थाओं को लेकर इन दिनों चर्चा का माहौल बना हुआ है। यहां उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को विभिन्न प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।विशेष रूप से पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) वार्ड की स्थिति को लेकर परिजनों ने चिंता व्यक्त की है।
उनके अनुसार वार्ड में बिस्तरों की चादरों का नियमित रूप से बदलाव नहीं हो पा रहा है, जिससे स्वच्छता को लेकर आशंकाएं बनी रहती हैं। परिजनों का कहना है कि इस संबंध में ध्यान दिलाने पर भी समाधान में समय लग जाता है।अन्य वार्डों में भी साफ-सफाई को लेकर सुधार की आवश्यकता महसूस की जा रही है। कुछ स्थानों पर धूल और गंदगी की स्थिति देखी गई है, जिससे अस्पताल के वातावरण को बेहतर बनाने की जरूरत सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार अस्पताल में कुछ आवश्यक दवाओं की उपलब्धता भी प्रभावित हो रही है, जिससे मरीजों को बाहर से दवाएं लेने की स्थिति बनती है।इन परिस्थितियों के चलते कुछ लोग वैकल्पिक रूप से निजी अस्पतालों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे उनके खर्च में बढ़ोतरी हो रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि व्यवस्थाओं में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, तो मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सकती है और अस्पताल के प्रति विश्वास मजबूत हो सकेगा।
