भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर संसद और विधानसभा में हुए अवरोधों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के इस महत्वपूर्ण और रचनात्मक प्रयास को बाधित किए जाने से देश भर की महिलाओं में स्वाभाविक नाराजगी देखी जा रही है।
पटेल ने इसे केवल महिलाओं के सम्मान का मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में गंभीर व्यवधान बताया। उनका कहना है कि संसद के विशेष सत्र में कार्यवाही बाधित करना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है और यह भारतीय राजनीति में चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिपक्ष, जिसमें कांग्रेस सहित अन्य दल शामिल हैं, इस अधिनियम को पारित न होने देने के लिए समान रूप से जिम्मेदार प्रतीत होते हैं। ऐसे अवरोध देश के विकास की गति को प्रभावित करते हैं, जो राष्ट्रहित में नहीं है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि देश की नारी शक्ति अब इस मुद्दे को लेकर सजग है और अपने अधिकारों व सम्मान के लिए मुखर होकर सामने आएगी। यह केवल महिलाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरा देश इस विषय पर अपनी स्पष्ट राय देगा।
उन्होंने यह भी कहा कि आगामी जिला पंचायत की सामान्य सभा में राज्य में लागू 50 प्रतिशत महिला आरक्षण के संदर्भ में मातृशक्ति की भावनाओं और अपेक्षाओं को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। पटेल के अनुसार, नारी सशक्तिकरण आज देश की राजनीति का केंद्रीय विषय बन चुका है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
