
भोपाल। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक पत्र को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलचल तेज हो गई है। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से जुड़े इस पत्र के वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदेश कांग्रेस आईटी सेल के कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
जानकारी के अनुसार, शुरुआती कार्रवाई में पुलिस ने सात कार्यकर्ताओं को अपने कब्जे में लिया था, लेकिन पूछताछ के बाद चार को छोड़ दिया गया। फिलहाल तीन कार्यकर्ता अब भी पुलिस हिरासत में हैं, जिन्हें 27 घंटे से अधिक समय से रोके जाने का दावा किया जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस की ओर से कड़ा रुख अपनाया गया है। राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर पोस्ट कर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं को बिना ठोस आधार के लंबे समय तक हिरासत में रखा गया है, जो कानून सम्मत प्रक्रिया के विपरीत है।
तन्खा के मुताबिक, मामले को लेकर पार्टी की लीगल टीम सक्रिय हो गई है और इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वहीं, पुलिस सूत्रों का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की सत्यता और उसके प्रभाव को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की गई है और जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है।
यह मामला अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच कानूनी मोड़ ले चुका है, जिस पर आने वाले दिनों में अदालत की भूमिका महत्वपूर्ण रहने की संभावना है।
