इंदौर:सोमवार को शहर में प्रशासन, नगर निगम और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो स्थानों पर करोड़ों की सरकारी जमीन मुक्त कार्रवाई. शहर के जूनी इंदौर और मल्हारगंज तहसील में अतिक्रमण हटाकर 35 करोड़ रुपए मूल्य की जमीन खाली कराई गई. खास बात यह है कि एक जमीन सरकार ने लोक परिसंपत्ति व्ययन के तहत बेच जा चुकी है.कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर शासकीय जमीन से अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार जारी है.
इस क्रम में आज प्रशासन ने कार्रवाई कर खजराना में 30 करोड़ रुपए मूल्य की बेशकीमती सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया. एसडीएम जूनी इंदौर घनश्याम धनगर ने बताया कि सरकारी सीलिंग की जमीन खसरा क्रमांक 442/1 की 30,000 वर्गफीट पर अतिक्रमण कर पक्के मकानों का निर्माण कर लिया गया था. आज उक्त 12 मकानों को हटाने की कार्रवाई की गई. इसी तरह एसडीएम मल्हारगंज निधि वर्मा ने ग्राम गाडराखेडी में 3 हजार वर्गफीट सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करके बनाए गए 9 मकानों में से आज 7 मकान तोड़ने की कार्रवाई की.
बचे दो मकानों पर हाईकोर्ट का स्टे होने से कार्रवाई नहीं की जा सकी है. प्रशासन ने उक्त गाडराखेड़ी की 14 हजार वर्गफीट सरकारी जमीन को लोक परिसंपत्ति व्ययन नियम के तहत हेमर स्मिथ इंटरप्राइजेस को 22- 23 में बेचा दिया था. मौके पर 3 हजार फीट जमीन पर 9 मकान बने हुए थे. कार्रवाई के दौरान एसीपी खजराना कुंदन मंडलोई, तहसीलदार राकेश सस्तिया, अपर तहसीलदार कमलेश कुशवाह,अशोक परमार, थाना प्रभारी मनोज सेंधव, रिमूवल अधिकारी बबलू कल्याणे तथा राजस्व, पुलिस और नगर निगम का रिमूवल अमले के कर्मचारी मौजूद थे.
