ग्वालियर। माधव विधि महाविद्यालय में बी.ए. एलएलबी, एलएलबी एवं एलएलएम के विद्यार्थियों के लिए क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की संयोजक डॉ. नीति पांडेय ने बताया कि वर्तमान समय विज्ञान और तकनीक का युग है, जिसमें अपराधी भी आधुनिक तरीकों का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में पारंपरिक जांच पद्धतियां अब पर्याप्त नहीं रह गई हैं।
कार्यशाला में वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी ने फॉरेंसिक साइंस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अब अपराधों की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक विशेषज्ञ घटनास्थल और आरोपी के बीच महत्वपूर्ण कड़ी स्थापित करते हैं, जिससे अपराध की सच्चाई सामने आती है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को केस स्टडी, मॉक ट्रायल और काल्पनिक घटनास्थल के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। डॉ. पांडेय ने बताया कि इस तरह की कार्यशालाएं छात्रों की तर्क क्षमता और विश्लेषण कौशल को विकसित करती हैं।
