भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने विज्ञान मंथन यात्रा : 2025-26 के लिए चयनित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे विद्यार्थी भविष्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बेहतर योगदान देने के लिए प्रेरित होंगे।
मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा मिशन एक्सीलेंस अभियान के अंतर्गत “विज्ञान मंथन यात्रा 2025-26” का आयोजन किया जा रहा है। यह पहल विद्यार्थियों को विज्ञान के व्यावहारिक पक्ष से जोड़ने तथा उनके ज्ञान-विस्तार में सहायक सिद्ध होगी। यात्रा आज से प्रारंभ होकर 27 अप्रैल, 2026 तक संचालित की जाएगी।
योजना में शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के कक्षा 10वीं के मेधावी विद्यार्थी तथा कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विज्ञान संकाय के विद्यार्थी शामिल हैं। इस भ्रमण कार्यक्रम के लिए वही विद्यार्थी पात्र हैं, जिन्होंने पिछली कक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों। इस वर्ष कुल 375 विद्यार्थियों एवं 27 शिक्षकों का चयन किया गया है। चयनित विद्यार्थियों के साथ विज्ञान शिक्षक एवं शिक्षिकाएं भी यात्रा में शामिल हैं।
यात्रा में विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान, बेंगलुरु तथा सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा सहित प्रमुख अनुसंधान संस्थानों एवं प्रयोगशालाओं का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। विद्यार्थियों को वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं के समाधान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
छात्र-छात्राएं चंद्रयान मिशन सहित विभिन्न उपकरणों के मॉडल एवं उनकी कार्य-प्रणाली को नजदीक से समझ सकेंगे। साथ ही, वे उन वैज्ञानिकों से भी मुलाकात करेंगे, जिन्होंने मिशन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
