
सिंगरौली । जिला मुख्यालय स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में बीते शुक्रवार को हुई सनसनीखेज लूट की वारदात में पुलिस जांच के दौरान लगातार चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। कोतवाली पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार आरोपी कमलेश कुमार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
पुलिस पूछतांछ में आरोपी कमलेश कुमार ने बताया कि लूट की इस वारदात की योजना करीब एक माह पहले ही तैयार कर ली गई थी। आरोपियों ने ऊर्जाधानी क्षेत्र में बड़ी मस्जिद के पास स्थित बदामी देवी के मकान को किराए पर लिया था। मकान लेते समय उन्होंने खुद को मजदूर बताया, ताकि किसी को उन पर शक न हो। शुरुआत में तीन आरोपी वहां रह रहे थे, लेकिन वारदात से कुछ दिन पहले दो अन्य साथी भी उनके साथ जुड़ गए थे। पूछतांछ में यह भी सामने आया है कि सभी आरोपी रोज सुबह घर से निकल जाते थे और देर शाम तक बैंक और उसके आसपास के इलाके की रेकी करते थे। इस दौरान उन्होंने बैंक की सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की गतिविधियों और आने-जाने के रास्तों का बारीकी से अध्ययन किया। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से लूट की वारदात को अंजाम दिया गया।
ऊर्जाधानी में आरोपियों के ठिकाने की जानकारी मिलते ही पुलिस ने रविवार की देर शाम बदामी देवी के मकान पर पहुंचकर ताला तुड़वाया और अंदर की तलाशी ली। इस दौरान मकान मालकिन से भी पूछतांछ की गई। पुलिस ने मकान से कुछ अहम सुराग जुटाने का प्रयास किया है, जिससे फरार आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। इधर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें बिहार और छत्तीसगढ़ में लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस के अनुसार इस गिरोह में फंटूश उर्फ ननकी-ननकू निवासी नालंदा-बिहार, राजेश कुमार निवासी गिरिडीह, छोटू और पंकज शर्मा निवासी सिंहभूम झारखंड शामिल हैं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी गिरफ्तार आरोपी से लगातार गहन पूछतांछ कर रहे हैं। मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
