इंदौर: अमृत योजना के तहत नर्मदा जल आपूर्ति के दावे हकीकत में कमजोर पड़ते नजर आ रहे हैं. नगर निगम की लाख कोशिशों के बावजूद योजना का लाभ शहर के कई हिस्सों तक नहीं पहुंच पा रहा है. कई क्षेत्रों में आज भी नर्मदा का जल नहीं पहुंच पाया है.खजराना रिंग रोड से लगे वार्ड क्रमांक 38 के बाबा मनसब नगर में हालात चिंताजनक हैं. करीब चार वर्ष पूर्व यहां नर्मदा जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाकर घर-घर नल कनेक्शन दिए गए थे लेकिन आज तक एक बूंद पानी भी सप्लाई नहीं हो सका.
वहीं क्षेत्र में सरकारी बोरिंग भी पूरी तरह से सूख चुका है. मजबूरी में रहवासी नगर निगम के टैंकरों पर निर्भर हैं और कई बार दूर-दराज से पानी लाना पड़ता है या फिर पैसे देकर पानी का टैंकर लेते हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार वार्ड में पानी की टंकी नहीं है और पास के वार्ड क्रमांक 40 की टंकी से कनेक्शन जोड़ा गया है. आरोप है कि वहां से जान बूझकर सप्लाई नहीं की जाती जिससे क्षेत्र में जल संकट बना हुआ है. रहवासियों ने कई बार शिकायत की लेकिन समस्या जस की तस है जिससे निगम की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
इनका कहना है
पांच वर्ष पुरानी लाइन होने के बावजूद पानी की सप्लाई नहीं होती है. नर्मदा के तीन टैंकर आते हैं. प्रत्येक घर चार बर्तन भरते हैं जिससे पूर्ति नहीं होती.
– अकील कुरैशी
क्षेत्र में सरकारी बोरिंग भी सूख चुका है और नलों में पानी नहीं आता. जब भी आता है दूषित आता है. ऐसे में दूर दराज जाकर पानी लाना पड़ता है.
– नागेश्वर गोस्वामी
सरकारी नलों से नहीं के बराबर पानी आता है. निगम टैंकर से पानी की पूर्ति नहीं होती. जिस कारण हमें पैसा देकर निजी पानी का टैंकर बुलाना पड़ता है.
– चंदू बाई
विधायक, कमिश्नर से की मीटिंग
जिस पानी की टंकी को साढे 5 मीटर भरना चाहिए, उसे 3 से 4 मीटर भरते है. बाकी टैंकारों के लिए पानी रोक देते है. ऐसे में नलों में पानी की सप्लाई कम हो जाती है. पानी की पूर्ति के लिए विधायक एवं निगम कमिश्नर से मीटिंग हो चुकी हैं.
– जमीला पटेल पार्षद
