संसद में महिला आरक्षण रोकने के लिए बंगाल की महिलाएं तृणमूल को माफ नहीं करेंगी : नड्डा

सिलिगुड़ी, 19 अप्रैल (वार्ता) केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने रविवार को कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता संसद में महिला आरक्षण लागू होने से रोकने के लिए तृणमूल कांग्रेस को आगामी विधानसभा चुनाव में माफ नहीं करेगी।

श्री नड्डा ने कूचबिहार जिले के सीतलकुची में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी पर शासन, उद्योग और कानून-व्यवस्था सहित कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण कानून पारित होने के बाद 2029 के लोकसभा चुनाव में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, लेकिन तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और वाम दलों ने इस पहल को रोकने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल की महिलाएं इसका जवाब देंगी।”

श्री नड्डा ने रैली के बाद सिलीगुड़ी के फुलबाड़ी विधानसभा क्षेत्र में रोड शो किया और दावा किया कि राज्यभर में लोग “तानाशाही शासन” के खिलाफ स्वतः प्रतिक्रिया दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “हर जनसभा में उत्साह दिख रहा है, लोगों ने मन बना लिया है।”

उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए तुष्टिकरण की राजनीति, वसूली, सिंडिकेट राज, भ्रष्टाचार और भर्ती घोटालों के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जनता इन मुद्दों पर मतदान कर भाजपा को सत्ता में लाएगी।

श्री नड्डा ने “बाहरी” कहे जाने के आरोप पर कहा कि भाजपा नेताओं को बाहरी कहना राजनीतिक रूप से प्रेरित है। उन्होंने कहा, “यह वही भूमि है जिसने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के माध्यम से दिशा दिखाई। ऐसे लोगों को बाहरी कहना निरर्थक है।”

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल की छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “यह वही भूमि है जहां से स्वामी विवेकानंद ने विश्व को संदेश दिया था, और आज उस विरासत को कमजोर किया जा रहा है।”

श्री नड्डा ने औद्योगिक स्थिति पर चिंता जताते हुए आरोप लगाया कि कई कंपनियां पश्चिम बंगाल छोड़कर महाराष्ट्र, दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में चली गई हैं। उन्होंने ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज की एक इकाई के बंद होने का उदाहरण दिया।

उन्होंने चाय उद्योग को लेकर दावा किया कि तृणमूल शासन में उत्पादन लगभग 15 प्रतिशत घटा है और कई चाय बागान बंद हो चुके हैं या बंद होने की कगार पर हैं।

उन्होंने घुसपैठ के मुद्दे पर कहा, “घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर किया जाएगा।” सिंडिकेट प्रथा का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि एक महिला को घर बनाने के लिए एक लाख रुपये देने पड़े।

उन्होंने अंत में कहा कि खासकर महिलाओं में दिख रही प्रतिक्रिया राजनीतिक बदलाव का संकेत है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “डबल इंजन सरकार” बनाकर तेज विकास सुनिश्चित किया जाएगा।

 

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