भाषण नहीं, अब ठोस जवाब और महिला आरक्षण का हक चाहिए: पटवारी

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि देश की जनता अब केवल भाषण नहीं, बल्कि ठोस जवाब चाहती है।

मीडिया से बातचीत में पटवारी ने कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों में व्यापक सहमति है, लेकिन केंद्र सरकार इसे राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में सर्वसम्मति से पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ अब तक लागू नहीं किया गया है, जबकि हाल में जारी अधिसूचनाओं के बाद इसे तुरंत लागू किया जा सकता था।

पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण को परिसीमन प्रक्रिया से जोड़कर अपने राजनीतिक हित साधना चाहती है। उनका कहना था कि इस तरीके से मनमाने बदलाव की गुंजाइश बनती है और जातिगत जनगणना की मांग को टालने का प्रयास किया जा रहा है, जो पारदर्शिता और लोकतांत्रिक जवाबदेही के लिए चिंता का विषय है।

उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस और पूरा विपक्ष महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के पक्ष में पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन संविधान के मूल सिद्धांतों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।

इसके साथ ही पटवारी ने रुपये में गिरावट, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और कमजोर होती विदेश नीति जैसे मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि इन गंभीर विषयों से ध्यान भटकाने के लिए महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दों को बार-बार उठाया जा रहा है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि मौजूदा संसदीय ढांचे में ही महिला आरक्षण लागू किया जाए और इसमें ओबीसी वर्ग की महिलाओं को भी समुचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए।

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