दमोह: नर्मदा खंड सेवा संस्थान के संरक्षक व पूर्व केंद्रीय मंत्री व पंचायत ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने जरारूधाम गौ-अभ्यारण्य का शनिवार कड़ी धूप में भ्रमण कर व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया.इस अवसर पर उन्होंने पूर्व की भांति गौमाता को रोटी खिलाकर गौ-सेवा का संदेश दिया तथा परिसर की पवित्रता और सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि यहां आकर मन सदैव आनंदित होता है.भ्रमण के बाद संस्थान के अध्यक्ष नरेंद्र बजाज की अध्यक्षता में अन्य पदाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में संस्थान के संचालन जरारूधाम गौ अभ्यारण और गुबरा गौशाला में निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई.
इसके उपरांत मंत्री ने निर्माणाधीन कार्यों का स्थल निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए.मंत्री जी ने स्पष्ट रूप से कहा, गाय कमाने का साधन नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है.उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में कहा कि केवल पौधारोपण पर्याप्त नहीं, बल्कि उनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है, जिससे आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल बन सके.नर्सरी के संदर्भ में उन्होंने उल्लेख किया कि केवल नर्सरी आधारित गतिविधियों से दीर्घकालिक व सुदृढ़ आय सुनिश्चित नहीं की जा सकती, अतः पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आय के विविध व टिकाऊ साधनों को विकसित करना आवश्यक है.इसी क्रम में उन्होंने गौ-काष्ठ (गोबर से निर्मित लकड़ी) एवं गोबर आधारित उत्पादों को बढ़ावा देने पर विशेष बल देते हुए कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण स्तर पर स्वरोजगार के प्रभावी अवसर सृजित कर सकती है.
उन्होंने यह भी कहा कि देश में विरले ही ऐसे स्थल हैं, जहां एक ही परिसर में गौ-सेवा, जैविक गतिविधियाँ, पर्यावरण संरक्षण, प्रशिक्षण व रोजगार से जुड़ी इतनी व्यापक और सुव्यवस्थित सुविधाएँ उपलब्ध हों, और इस दृष्टि से जरारूधाम एक आदर्श समग्र विकास मॉडल के रूप में उभर रहा है.इस अवसर पर उन्होंने अभ्यारण्य के समीप संचालित शासकीय विद्यालय को उन्नत कर सर्वसुविधायुक्त रूप में विकसित करने की घोषणा की.विद्यालय भवन का पुनर्निर्माण कर विद्यार्थियों को आधुनिक व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी, जिसका संपूर्ण व्यय संस्थान द्वारा वहन किया जाएगा.
साथ ही, विभिन्न विभागों—पंचायती राज संस्थान, राज्य आजीविका मिशन तथा सीसीआरटी द्वारा संचालित प्रशिक्षण अभ्यारण में करने हेतु कार्यक्रमों के लिए सभी का आभार व्यक्त किया व सर्वसुविधायुक्त प्रशिक्षण केंद्र विकसित करने पर भी बल दिया गया.मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गाय, शिक्षा और पर्यावरण समग्र विकास के प्रमुख स्तंभ हैं, जिनके समन्वित प्रयास से ही समाज की सतत प्रगति संभव है.उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान हम सभी का है और इसके विकास व उन्नति के लिए सामूहिक सहभागिता व समन्वय आवश्यक है.मंत्री ने जैविक कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जैविक खाद (डीएपी के विकल्प के रूप में) के उत्पादन हेतु एक समर्पित प्लांट स्थापित किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर जैविक खाद को बढ़ावा देना न केवल भूमि की उर्वरता बनाए रखने में सहायक होगा, बल्कि किसानों के लिए लागत में कमी और दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करेगा.इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारी आचार्य जगेंद्र सिंह, शंकर महतो, सुशील कुमार गुप्ता, गोपाल पटेल, राघव राजा, राजकुमार सिंह, गंगाराम पटेल, नर्मदा सिंह एकता, अमर सिंह राजपूत, कैलाश शैलार, करन सिंह सहित अभ्यारण के कर्मचारी व अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे. साथ ही अभ्यारण में चल रहे सभी कार्यों को नियत समय पर पूर्ण करने के आदेश दिए साथी संस्थान के कार्यों पर संतोष व्यक्त किया
