रायपुर, 19 अप्रैल (वार्ता) छत्तीसगढ़ में वेदांता पावर प्लांट हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। इस गंभीर घटना की जांच के लिए अब केंद्रीय स्तर की हेल्थ एंड सेफ्टी तथा बॉयलर सेफ्टी विभाग की टीम प्लांट पहुंच चुकी है।
अधिकारिक जानकारी के अनुसार, 21 सदस्यीय जांच दल में विभिन्न विभागों के तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं, जो घटनास्थल की बारीकी से जांच कर रहे हैं। टीम का नेतृत्व सेंट्रल पावर रिसर्च के ज्वाइंट डायरेक्टर प्रफुल चंद्र डोंगरे कर रहे हैं। उनके साथ आलोक लकरा (चीफ मैनेजमेंट, ओडीएम), डीपी अन्तपुरकार (जनरल मैनेजर, क्वालिटी एंड मैनेजमेंट, भेल) सहित अन्य विशेषज्ञ भी मौजूद हैं।
जांच टीम द्वारा माइक्रो लेवल पर निरीक्षण करते हुए सभी तकनीकी और ऑपरेशनल डाटा एकत्र किया जा रहा है, ताकि हादसे के मूल कारणों और संभावित तकनीकी खामियों का पता लगाया जा सके। सूत्रों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट अगले कुछ दिनों में सामने आ सकती है।
इधर, मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए वेदांता के निदेशक अनिल अग्रवाल सहित 19 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।
प्रशासन और जांच एजेंसियां इस घटना के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
