मानव अधिकार की पहल पर वर्षों से लंबित , मिलेगा पूरा वेतन
विदिशा. नगर पालिका विदिशा में काम करने वाले वाल्मिकी समाज के कर्मचारियो ने सोमवार शाम को अपने घरों के दरवाजे और पूजा स्थल पर दीप जलाए और खुशिंया मनाई। इस खुशी में उन्होंने प्रधानमंत्री की तस्वीर को भी शामिल किया। यहां तक की उनकी तस्वीर को अपने पूजा स्थल पर रखा। खुशखबरी सोमवार शाम उन्हें मिली उसकी कई सालों से प्रतीक्षा कर रहे थे।
दरअसल विदिशा नगर पलिका में अस्थाई श्रमिकों के रूप में कई सालों से काम कर रहे कर्मचारियो को शासन द्वारा तय की कई मानदेह की राशि का आधा ही दिया जा रहा था। इस बात की शिकायत राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगों से कुछ समय पहले की गई थी। उन्होंने वाल्मिकी परिवारों के बीच पहुंच कर समस्या के समाधान करने का प्रयास शुरू किया। इसी के तहत विदिशा नगर पालिका को आदेश जारी किए गए। जिसमें बताया गया कि नगर पालिका परिषद विदिशा में कार्यरत सभी अस्थाई श्रमिकों को तत्काल प्रभाव से विद्यमान न्यूनतम मजदूरी दरों के अनुसार भुगतान करना एवं मानव अधिकार आयोग में गतिशील प्रकरण के निराकरण न होने तक किसी भी श्रमिक को मस्टर रोल से हटाने या सेवा समाप्त नही किये जाने के निर्देश व संविदा श्रमिकों के न्यूनतम वेतन गणना अनुसार अंतर की राशि का भुगतान करने के निर्देश दिए गए है।
विदिशा नगर पालिका के अस्थाई श्रमिकों के मासिक वेतन श्रम आयुक्त द्वारा निर्धारित न्यूनतम दर से भुगतान तत्काल स्वीकृत किया गया है। उसी दर से यह भुगतान अप्रैल माह से किए जाने के निर्देश दिए गए है।
इसके अलावा निकाय में कार्यरत सभी संविदा श्रमिकों को श्रम आयुक्त मप्र इन्दौर द्वारा घोषित न्यूनतम दरों से वेतन भुगतान एवं अन्तर की राशि 92,57.878 रुपए (वित्तीय वर्ष 2024-25) का भुगतान की स्वीकृति के लिए परिषद की बैठक 29 मार्च 2025 के ऐजेंडे में शामिल किया गया है। परिषद की स्वीकृति उपरांत वेतन भुगतान एवं अंतर की राशि का भुगतान किया जाएगा। निकाय की वित्तीय स्थिति वर्तमान में ठीक न होने की सूरत में कुछ समय मांगा गया है।
इस पूरे मामले में मानव अधिकार आयोग के राष्ट्रीय सदस्य प्रियंक कानूनगों ने बताया कि पिछले दिनों हमने सबसे निचले तबके की समस्या को सुनकर उसे हल करने का प्रयास किया था। केंद्र की संबेदनशील प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इस कार्य को तेजी से कर रहे है। इस कार्य की शुरूआत अपने घर से, अपने गृह नगर से की है।
