मिंस्क, 18 अप्रैल (वार्ता) बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको ने कहा है कि पश्चिमी देश भले ही उनका बहिष्कार करना चाहते हैं, फिर भी वह अमेरिका के साथ इस विचार के साथ बातचीत कर रहे हैं कि यह उनके देश के आर्थिक हितों के लिए अच्छा होगा।
बेलारूस और अमेरिका के बीच इस वर्ष कई दौर की वार्ता हो चुकी है, जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा “बड़ा समझौता” बताए गए प्रस्ताव के तहत द्विपक्षीय संबंध सामान्य करने पर चर्चा हुई है।
इन वार्ताओं में राजनीतिक कैदियों की रिहाई, प्रतिबंधों में ढील और अन्य आर्थिक मुद्दे शामिल हैं। इसी प्रक्रिया के तहत मार्च में लुकाशेंको ने “जासूसी, आतंकवाद और उग्रवादी गतिविधियों” के मामलों में दोषी ठहराए गए 123 लोगों को माफी दी थी।
श्री लुकाशेंको ने आरटी को दिए साक्षात्कार में कहा, “पश्चिम की वास्तविक राजनीति हमें लंबे समय से ज्ञात है। वे चाहे मुझसे किसी भी तरह की बातचीत करें, मैं भली-भांति समझता हूं कि मैं उनका प्रिय नहीं हूं।”
उन्होंने कहा, “वे मुझे खत्म करना चाहते हैं, यह मैं अच्छी तरह समझता हूं। लेकिन ऐसी स्थिति में भी, मैं अपने निजी हितों के बजाय बेलारूस और उसकी जनता के हितों के अनुसार काम करने के लिए बाध्य हूं।”
श्री लुकाशेंको ने बताया कि बेलारूस अपनी आधे से अधिक वस्तुएं और सेवाएं विदेशी बाजारों में बेचता है और उसकी अर्थव्यवस्था खुली है, इसलिए उसे पश्चिम, रूस, चीन और अफ्रीका सभी के साथ अपने हितों को संतुलित करना पड़ता है।
रूस-यूक्रेन संघर्ष में बेलारूस की भूमिका पर उन्होंने कहा कि मिंस्क “अमेरिका के साथ संवाद रूस या चीन के खिलाफ नहीं कर रहा है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रूस और चीन केवल दीर्घकालिक साझेदार ही नहीं, बल्कि मित्र भी हैं।
“जब अमेरिका और यूरोप ने हम पर प्रतिबंध लगाए, तब चीन और रूस ने हमारे लिए अपने दरवाजे खोले। उसी के कारण हम बच पाए,” उन्होंने कहा।
