तेहरान, 18 अप्रैल (वार्ता) ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले सेना दिवस संबोधन में ईरानी सेना की प्रशंसा करते हुए अमेरिका-इज़रायल की कथित आक्रामकता के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
उन्होंने फरवर्दिन की 29 तारीख (18 अप्रैल) को मनाये जाने वाले सेना दिवस के अवसर पर कहा कि इस्लामिक गणराज्य की सशस्त्र सेनाओं ने ‘अविश्वास और अहंकार की अग्रिम पंक्ति में खड़ी दो सेनाओं का सामना किया’ और दुनिया के सामने उनकी ‘कमजोरी और अपमान’ को उजागर किया।
श्री खामेनेई ने कहा, “ जिस तरह ईरानी सेना के ड्रोन अमेरिकी और ज़ायोनिस्ट अपराधियों पर बिजली की
तरह प्रहार करते हैं, उसी तरह उसकी नौसेना दुश्मनों को नयी हार का स्वाद चखाने के लिए तैयार है।”
यह संबोधन उस संदर्भ में आया है जिसे ईरानी अधिकारी “ चालीस दिन का थोपा गया युद्ध” बता रहे हैं, जिसके दौरान तेहरान का दावा है कि उसकी सेनाओं ने क्षेत्र में दुश्मन ठिकानों पर सफल जवाबी हमले किये। ”
उन्होंने नियमित सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के बीच समन्वय को निर्णायक सैन्य प्रदर्शन का श्रेय दिया।
नये सर्वोच्च नेता ने अपने पिता और पूर्व नेता आयतुल्ला अली खामेनेई को भी श्रद्धांजलि दी, जिनकी जयंती भी इसी दिन पड़ती है। उन्होंने कहा कि 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद सेना को भंग करने की मांगों से बचाने और उसकी क्षमता बढ़ाने में उनके पिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उन्होंने हालिया संघर्ष में मारे गये कमांडरों को भी श्रद्धांजलि दी। श्री खामेनेई ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि सेना की क्षमता बढ़ाने के लिए जल्द ही नये कदम उठाये जाएंगे, जिससे संकेत मिलता है कि ईरान का सैन्य विस्तार अभी जारी रहेगा।
