चितरंगी: जिले के चितरंगी जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत धानी में मवेशियों की मौत के बाद चितरंगी का स्थानीय प्रशासन अपने ही बुने जाल में घिरता नजर आ रहा है। क्योंकि सीएम हेल्पलाइन में धानी में बाड़ा बनने की जानकारी पीसीओ ने दी है। अब जब तीन मवेशियों की मौत निजी बाड़े में हुई तो आखिर शासकीय बाड़ा धानी में प्रशासन ने कहां बनवाया है। इसकी जानकारी देने में प्रशासन के हाथ-पाव फूलने लगे हैं।
हालांकि मवेशियों के मौत के बाद प्रशासन हरकत में आया और आनन-फानन में जिस बाड़े में मवेशियों की मौत हुई थी और जो बाड़ा निजी बनाकर मवेशियों को भूखे-प्यासे बन्द किये थे। उन पर प्रशासन ने त्वरित एक्शन लेते हुये चार लोगों पर एफआईआर दर्ज करा दी। यहां तक तो सही था, लेकिन जिस तरीके से सीएम हेल्पलाइन में धानी में बाड़ा बने होने की जानकारी सरकार को दी गई।
वही यदि धानी में सरकारी गौ शाला बना होता तो निजी बाड़ा बनाने की नौवत न आती और आज चार लोग अपराधी न बने होते, लेकिन सरकार के नुमाईन्दों ने अपने आप को सही साबित करने के लिए झूठी व भ्रामक जानकारी देकर अपने आप को बचाकर आमजन को कटघर्रे में खड़ा कर रहे हैं। आखिर अब जिम्मेदार इसपर क्या कहेंगे।
